देश का पहला अग्निवीर सेल, उपनल कर्मचारियों को समान वेतन और अडानी से 1320 मेगावाट बिजली करार; धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले
देहरादून: उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने मंगलवार को कैबिनेट बैठक में 18 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई। फैसलों में अग्निवीरों के लिए रोजगार सेल का गठन, उपनल कर्मचारियों को समान वेतन देने की प्रक्रिया, अडानी पावर से बिजली खरीद का करार, स्वास्थ्य क्षेत्र में पारदर्शी खरीद व्यवस्था और लोकायुक्त चयन प्रक्रिया को आगे बढ़ाने जैसे निर्णय शामिल हैं। सरकार ने रोजगार, स्वास्थ्य, ऊर्जा, पारदर्शिता और ग्रामीण अर्थव्यवस्था से जुड़े कई मामलों में अहम फैसले लिए हैं।
उत्तराखंड में देश का पहला अग्निवीर रोजगार सेल
सेना में चार साल की सेवा पूरी करने के बाद लौटने वाले अग्निवीरों के लिए अलग रोजगार सेल गठित करने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दी है। उत्तराखंड देश का पहला राज्य है, जिसने अग्निवीरों को वर्दीधारी सेवाओं में नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रावधान किया है। अब रोजगार सेल के संचालन के लिए एक उप निदेशक, दो सहायक निदेशक, दो कनिष्ठ सहायक और एक डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद सृजित किए जाएंगे। यह सेल सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय के अधीन काम करेगा।
75 प्रतिशत अग्निवीरों को रोजगार से जोड़ने की जिम्मेदारी
सेना में करीब 25 प्रतिशत अग्निवीरों के स्थायी होने के बाद शेष 75 प्रतिशत प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार, उच्च शिक्षा और स्वरोजगार से जोड़ने की जिम्मेदारी इस सेल की होगी। अग्निवीरों का पहला बैच दिसंबर में वापस लौट रहा है। वहीं जनवरी तक करीब 1200 अग्निवीर सेना में चार साल की सेवा पूरी करके वापस लौटेंगे। ऐसे में सरकार ने उनके भविष्य को लेकर रोजगार और अन्य अवसरों से जोड़ने की व्यवस्था तैयार करने का फैसला किया है।
उपनल कर्मचारियों को मिलेगा समान वेतन
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपनल कर्मचारियों को समान वेतन देने की प्रक्रिया के लिए तय समय-सारणी को मंजूरी दी गई। जिन कर्मचारियों की नियुक्ति बिना स्वीकृत पद के हुई है, उनके लिए पद सृजित किए जाएंगे। इसके साथ ही उन उपनल कर्मचारियों को भी राहत दी गई है, जो सेवा में निरंतरता की शर्त के कारण अब तक इस दायरे में नहीं आ पा रहे थे। अब निरंतर सेवा की शर्त हटा दी गई है। कर्मचारियों को वेतनमान के न्यूनतम स्तर के साथ समय-समय पर संशोधित महंगाई भत्ते का लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन को मंजूरी
स्वास्थ्य विभाग में दवाओं, उपकरणों, रसायनों और इंप्लांट की खरीद को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए उत्तराखंड मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन के गठन को मंजूरी दी गई है। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में इस कार्पोरेशन का गठन किया जाएगा। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य विभाग की जरूरतों के अनुसार सामान की खरीद व्यवस्था को बेहतर और पारदर्शी बनाना है।
अडानी पावर से 1320 मेगावाट बिजली खरीदने का करार
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्थित अडानी थर्मल पावर प्लांट से 1320 मेगावाट बिजली खरीदने के करार को भी मंजूरी दी है। केंद्र की ओर से उत्तराखंड को आवंटित कोल ब्लॉक का इस्तेमाल करते हुए अडानी पावर से यह बिजली 5.746 रुपये प्रति यूनिट की दर से मिलेगी। करार के तहत 25 साल तक उत्तराखंड को 1320 मेगावाट बिजली इसी दर पर उपलब्ध कराई जाएगी।
लोकायुक्त चयन प्रक्रिया को मिलेगी रफ्तार
लोकायुक्त के गठन के लिए सर्च कमेटी और उससे संबंधित नियमावली को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। सर्च कमेटी अध्यक्ष और सदस्यों के नामों का पैनल तैयार करके चयन समिति को उपलब्ध कराएगी। सरकार के इस फैसले से उत्तराखंड में लोकायुक्त के चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य विभाग की सेवा नियमावली भी मंजूर
कैबिनेट ने उत्तराखंड चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण सांख्यिकीय संवर्ग समूह क, ख और ग सेवा नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी। इसके माध्यम से स्वास्थ्य विभाग के सांख्यिकीय संवर्ग में कर्मचारियों की भर्ती और नियुक्त कर्मचारियों की सेवा शर्तों को विनियमित किया जा सकेगा।
हाइब्रिड वाहनों से ग्रीन सेस की छूट खत्म
उत्तराखंड में हाइब्रिड वाहनों को मिलने वाली ग्रीन सेस की छूट समाप्त कर दी गई है। हालांकि सीएनजी वाहनों को इलेक्ट्रिक वाहनों की तरह ग्रीन सेस से छूट मिलती रहेगी। राज्य की सीमा में प्रवेश करते समय लागू ग्रीन सेस का भुगतान करना होगा। इससे पहले प्रदूषण कम करने और पर्यावरण के अनुकूल वाहनों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सीएनजी और हाइब्रिड वाहनों को इस सेस से राहत दी गई थी।
