हरियाणा में बड़ा परिवहन बदलाव, TOD नीति में शामिल हुए दो ‘नमो भारत’ कॉरिडोर; दिल्ली-करनाल सफर करीब 90 मिनट में पूरा होने की उम्मीद
चंडीगढ़: हरियाणा सरकार ने आधुनिक सार्वजनिक परिवहन और व्यवस्थित शहरी विकास को बढ़ावा देने के लिए ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति में संशोधन किया है। नगर एवं ग्राम आयोजना विभाग ने दिल्ली-पानीपत-करनाल और गुरुग्राम-बावल ‘नमो भारत’ (RRTS) कॉरिडोर को TOD नीति के दायरे में शामिल कर लिया है। आधिकारिक गजट अधिसूचना जारी होने के साथ यह संशोधित व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।
दिल्ली से करनाल तक करीब 90 मिनट का सफर
संशोधित सूची में दिल्ली-पानीपत-करनाल नमो भारत कॉरिडोर को पहली बार TOD नीति में शामिल किया गया है। यह कॉरिडोर दिल्ली से शुरू होकर कुंडली, सोनीपत, गन्नौर और पानीपत होते हुए करनाल तक पहुंचेगा।
इस हाई-स्पीड रेल सेवा के शुरू होने के बाद दिल्ली से करनाल के बीच यात्रा का समय घटकर करीब 90 मिनट रह जाने की उम्मीद है। इससे रोजाना दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में आने-जाने वाले नौकरीपेशा लोगों के साथ कारोबारियों को भी सुविधा मिल सकती है।
गुरुग्राम-बावल कॉरिडोर का भी बदला एलाइनमेंट
हरियाणा मास रैपिड ट्रांसपोर्ट कॉरपोरेशन की सिफारिश के आधार पर पुराने रूट में बदलाव किया गया है। पहले दर्ज ‘सराय काले खां-गुरुग्राम-शाहजहांपुर-नीमराना-बहरोड़’ कॉरिडोर के एलाइनमेंट को संशोधित कर अब ‘सराय काले खां-गुरुग्राम-बावल’ नमो भारत कॉरिडोर के रूप में दर्ज किया गया है।
TOD नीति से क्या बदलेगा?
ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट यानी TOD नीति का उद्देश्य परिवहन स्टेशनों और प्रमुख ट्रांजिट केंद्रों के आसपास सुनियोजित तरीके से शहरी विकास करना है। इसके तहत आवास, कार्यालय, बाजार और अन्य जरूरी सुविधाओं को परिवहन केंद्रों के आसपास विकसित करने पर जोर दिया जाता है।
इस व्यवस्था का लक्ष्य सड़कों पर यातायात का दबाव कम करना, शहरों के अनियोजित विस्तार को रोकना और व्यवस्थित व हरित शहरीकरण को बढ़ावा देना है।
सोनीपत, पानीपत, करनाल और गुरुग्राम-बावल क्षेत्र पर असर
नए कॉरिडोर को TOD नीति में शामिल किए जाने से सोनीपत, पानीपत, करनाल और गुरुग्राम-बावल क्षेत्र में परिवहन से जुड़े विकास के साथ रियल एस्टेट और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना जताई गई है।
