एम्स बिलासपुर में बढ़ेंगी आधुनिक जांच सुविधाएं, सर्वाइकल कैंसर की पहचान से मोतियाबिंद सर्जरी की तैयारी तक मिलेगी मदद
बिलासपुर: एम्स बिलासपुर में आधुनिक चिकित्सा उपकरणों की उपलब्धता बढ़ने से मरीजों को कई तरह की जांच के लिए बाहर जाने की जरूरत कम हो सकती है. संस्थान में महिला स्वास्थ्य, नेत्र चिकित्सा और चिकित्सा अनुसंधान से जुड़े आधुनिक उपकरण उपलब्ध करवाने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है. इनमें कॉल्पोस्कोप, ऑप्टिकल बायोमीटर, इनवर्टेड रिसर्च माइक्रोस्कोप और ऑप्टिकल एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर शामिल हैं.
कॉल्पोस्कोप से सर्वाइकल कैंसर की जांच में मिलेगी मदद
कॉल्पोस्कोप की मदद से गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्विक्स को बड़े आकार में देखकर उसकी बारीकी से जांच की जा सकेगी. सर्विक्स पर किसी तरह का असामान्य बदलाव या संदिग्ध घाव दिखाई देने पर डॉक्टर आगे की जांच तय कर सकेंगे.
इस सुविधा से सर्वाइकल कैंसर के अलावा कैंसर से पहले होने वाले बदलाव, सर्वाइकल संक्रमण और अन्य असामान्यताओं की पहचान में मदद मिल सकती है. खास तौर पर स्क्रीनिंग में संदिग्ध परिणाम आने वाली महिलाओं की आगे की जांच के लिए यह उपकरण उपयोगी होगा.
मोतियाबिंद सर्जरी से पहले जांच में मदद करेगा ऑप्टिकल बायोमीटर
एम्स में ऑप्टिकल बायोमीटर की सुविधा से आंख की लंबाई समेत जरूरी माप लिए जा सकेंगे. मोतियाबिंद की सर्जरी के दौरान कृत्रिम लेंस की शक्ति तय करने के लिए इन मापों की जरूरत होती है.
इस उपकरण के उपलब्ध होने से मरीजों को सर्जरी से पहले की आधुनिक जांच एम्स में ही मिल सकेगी. इससे विशेषज्ञों को मरीज की सर्जरी की बेहतर योजना तैयार करने में मदद मिलेगी.
रिसर्च माइक्रोस्कोप से कोशिकाओं पर होगा अध्ययन
इनवर्टेड रिसर्च माइक्रोस्कोप की मदद से जीवित कोशिकाओं और सेल कल्चर का अध्ययन किया जा सकेगा. इसका इस्तेमाल कैंसर, संक्रमण और दूसरी बीमारियों से जुड़े चिकित्सा एवं जैव चिकित्सा अनुसंधान में किया जा सकता है.
इस तकनीक के जरिए अलग-अलग बीमारियों में कोशिकीय स्तर पर होने वाले बदलावों को समझने, दवाओं और उपचार से जुड़े शोध तथा जैव चिकित्सा अनुसंधान को आगे बढ़ाने में मदद मिल सकती है.
कैंसर और अन्य बीमारियों पर शोध को मिलेगा तकनीकी आधार
इन आधुनिक उपकरणों से एम्स बिलासपुर में कैंसर, संक्रमण, आनुवंशिक और कोशिकीय विकारों समेत कई अन्य बीमारियों से जुड़े अनुसंधान को तकनीकी आधार मिल सकता है. भविष्य में रोगों की कार्यप्रणाली को बेहतर ढंग से समझने और नए उपचार विकल्पों पर शोध को बढ़ावा देने में ऐसी सुविधाएं उपयोगी हो सकती हैं.
ऑप्टिकल एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर से नमूनों का विश्लेषण
ऑप्टिकल एमिशन स्पैक्ट्रोमीटर की मदद से विभिन्न नमूनों में मौजूद तत्वों का विश्लेषण किया जा सकेगा. इससे संस्थान की जांच और अनुसंधान क्षमता को बढ़ाने में मदद मिलेगी.
इन सुविधाओं के शुरू होने से जांच, उपचार की योजना और चिकित्सा अनुसंधान, तीनों स्तरों पर एम्स की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है. मरीजों को आधुनिक जांच सुविधाएं संस्थान में ही उपलब्ध होने से समय बच सकता है और बाहर जाने की परेशानी भी कम हो सकती है.
आधुनिक उपकरण स्थापित करने पर एम्स का जोर
एम्स प्रबंधन के अनुसार, लोगों को बीमारियों का आधुनिक तरीके से उपचार उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से संस्थान में आधुनिक चिकित्सा उपकरण स्थापित किए जा रहे हैं. इन सुविधाओं के विस्तार से मरीजों को जांच और उपचार की प्रक्रिया में अधिक सुविधाएं मिल सकती हैं.
