पंजाब

मलेशिया में छिपे बंबीहा गैंग के तीन गैंगस्टर भारत लाए गए, 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों पर शिकंजा

चंडीगढ़: मलेशिया में पकड़े गए देविंदर बंबीहा गैंग से जुड़े तीन भगोड़े गैंगस्टरों को भारत वापस लाया गया है। जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह को भारत पहुंचने के बाद नई दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार किया गया। इसके बाद तीनों को पंजाब ले जाया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय के मुताबिक, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सुरक्षित भारत के विजन के तहत भारतीय एजेंसियों ने अकेले वर्ष 2026 में अब तक 51 कुख्यात अपराधियों को भारत वापस लाने में मदद की है।

तीनों गैंगस्टरों का बंबीहा गैंग से कनेक्शन
पंजाब पुलिस के अनुसार, जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह देविंदर बंबीहा गैंग के मलेशिया स्थित ऑपरेटर के तौर पर काम कर रहे थे। तीनों हत्या, रंगदारी और लुधियाना में कथित ग्रेनेड हमले की साजिश से जुड़े मामलों में वांछित थे। केंद्रीय एजेंसियों की मदद से पंजाब पुलिस ने मलेशिया में पकड़े गए इन आरोपियों को भारत वापस लाने की कार्रवाई पूरी की।

2019 में मलेशिया गया था जसप्रीत सिंह
जसप्रीत सिंह जून 2019 में मलेशिया गया था। इसके बाद वह एक फरार गैंगस्टर के संपर्क में आया और कथित तौर पर देविंदर बंबीहा गैंग के लिए काम करने लगा। उसे 2025 में यादविंदर सिंह और पंजाब विश्वविद्यालय के पूर्व नेता जीवनजोत सिंह चहल उर्फ जुगनू के चालक की हत्या से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया गया है।

36 देशों से 274 भगोड़े अपराधी भारत लाए गए
गृह मंत्रालय के अनुसार, भारतीय एजेंसियां विदेशों में छिपे भगोड़ों के खिलाफ टॉप-टू-बॉटम और बॉटम-टू-टॉप दृष्टिकोण अपना रही हैं। सरकार का कहना है कि इस रणनीति से यह संदेश गया है कि विदेश में छिपकर भारतीय कानून से बचना संभव नहीं है। वर्ष 2019 से अब तक भारत 36 देशों से 274 भगोड़े अपराधियों को वापस ला चुका है।

भगोड़े आर्थिक अपराधियों पर भी सख्ती
भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई को मजबूत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2018 में भगोड़ा आर्थिक अपराधी अधिनियम लागू किया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन में सरकार ने भगोड़ों के खिलाफ एकीकृत, खुफिया आधारित और तकनीक संचालित व्यवस्था विकसित की है। सरकार के मुताबिक, इस व्यवस्था से विदेशों में छिपे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और उनकी भारत वापसी को प्रभावी बनाने में मदद मिली है।

2014 से पहले प्रत्यर्पण व्यवस्था पर उठे सवाल
सरकार के मुताबिक, 2014 से पहले भारत का प्रत्यर्पण ढांचा पुराना था और देश के पास केवल 37 देशों के साथ प्रत्यर्पण संधियां थीं। आर्थिक अपराध कर विदेश भागने वालों से निपटने या उनकी संपत्तियों को जब्त करने के लिए भी कोई विशेष कानून नहीं था। वर्ष 2004 से 2013 के बीच भारत औसतन हर साल केवल चार भगोड़ों का प्रत्यर्पण हासिल कर पाया था। इस अवधि में 110 प्रत्यर्पण अनुरोध लंबित थे।

2026 में 51 कुख्यात अपराधियों की वापसी
गृह मंत्री कार्यालय के मुताबिक, वर्ष 2026 में अब तक भारतीय जांच एजेंसियों ने 51 कुख्यात अपराधियों को वापस लाने में मदद की है। सोमवार को पंजाब पुलिस ने भी मलेशिया से भारत लाए गए जसप्रीत सिंह, अजय सिंह और पवनदीप सिंह की गिरफ्तारी की जानकारी दी। तीनों को देविंदर बंबीहा गैंग से जुड़ा बताया गया है और उनके खिलाफ गंभीर आपराधिक मामलों में कार्रवाई की जा रही है।