झारखंड

बिहार में ब्लैकलिस्टेड 2 कंपनियों को JPSC ने सौंपी परीक्षा की जिम्मेदारी, निदेशक पेपर लीक मामले में जा चुका है जेल

रांची: झारखंड में कई परीक्षाओं के रद्द होने के बाद परीक्षा संचालन को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। झारखंड लोक सेवा आयोग ने जिस टीडीपीएल को परीक्षा संचालन की जिम्मेदारी दी, वह ब्लैकलिस्टेड कंपनी है। इसके अलावा बिहार में प्रतिबंधित बिनसिस टेक्नोलॉजिज और आईसीएन इंडिया को भी परीक्षा संचालन का काम दिया गया था। इन दोनों कंपनियों के निदेशक अरुण कुमार हैं। अरुण कुमार को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था और पूछताछ के बाद फिलहाल जेल भेजा जा चुका है।

एनटीपीसी पेपर लीक मामले में बिनसिस पर केस

बिनसिस टेक्नोलॉजिज का नाम एनटीपीसी परीक्षा पेपर लीक मामले में सामने आया था। इस मामले में हाजीपुर के सदर थाने में कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। जांच के दौरान पेपर लीक में कंपनी की भूमिका भी सामने आई थी। एनटीपीसी परीक्षा के लिए कंपनी के साथ समझौता भी अरुण कुमार ने ही किया था।

अरुण कुमार की दूसरी कंपनी आईसीएन इंडिया के खिलाफ वर्ष 2019 में पटना के शास्त्रीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी। बिहार में इस कंपनी को सिपाही बहाली की परीक्षा का काम मिला था। आरोप था कि कंपनी ने आवेदन शुल्क के नाम पर अभ्यर्थियों से 14 करोड़ रुपये से अधिक की राशि वसूली, लेकिन यह रकम केंद्रीय चयन बोर्ड, बिहार के खाते में जमा नहीं की गई।

इस मामले में शास्त्रीनगर थाने की पुलिस ने अरुण कुमार, सुनील कुमार धवन और संगीता धवन को गिरफ्तार किया था। इसके बाद आईसीएन इंडिया को बिहार में ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था।

जेल से निकलने के बाद JPSC और JSSC की परीक्षा का मिला काम

अरुण कुमार के जेल से बाहर आने के बाद उनकी कंपनियों को झारखंड में भी परीक्षाओं के आयोजन की जिम्मेदारी मिली। जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं का काम भी उन्हें दिया गया था। जेई भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के मामले में वर्ष 2022 में बिनसिस के खिलाफ नामकुम थाने में केस दर्ज किया गया था।

अरुण कुमार के खिलाफ पूर्व में एक खुफिया एजेंसी की ओर से भी रिपोर्ट तैयार की गई थी। इसमें उसके भाई श्रीकांत को चर्चित रंजीत डॉन का करीबी बताया गया था। इसके अलावा सेल दुर्गापुर प्लांट पेपर लीक मामले में भी उसके शामिल होने का उल्लेख किया गया था।