मध्य प्रदेश

PM मोदी की घोषणा पर मोहन सरकार का बड़ा फैसला, 1 करोड़ युवाओं को AI ट्रेनिंग और फ्री कोचिंग का ऐलान

भोपाल: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार ने विज्ञान और तकनीक से लेकर युवाओं, खेल और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी तक कई अहम फैसले लिए हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अगले पांच वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट लागू करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की ट्रेनिंग देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग शुरू करने का फैसला किया गया है।

विज्ञान और तकनीक पर 492 करोड़ रुपये से अधिक खर्च

राज्य के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार अगले पांच वर्षों में विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में 492 करोड़ रुपये से अधिक के प्रोजेक्ट लागू करेगी। सरकार का मानना है कि इन परियोजनाओं से मध्य प्रदेश में विज्ञान और तकनीक से जुड़ी गतिविधियों को नई गति मिलेगी।

राकेश सिंह ने कांग्रेस सरकार के कार्यकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय विज्ञान और तकनीक के लिए केवल 6 करोड़ रुपये का बजट दिया गया था। उन्होंने इसे इस क्षेत्र के प्रति पिछली सरकार की अनदेखी बताया।

गांव-गांव और स्कूलों में होगी खेल प्रतिभाओं की तलाश

कैबिनेट ने 5 से 15 वर्ष की उम्र के बच्चों में खेल प्रतिभाओं की पहचान के लिए गांव-गांव और स्कूल-स्कूल अभियान चलाने का भी निर्णय लिया है। इस अभियान के तहत प्रतिभाशाली बच्चों का चयन किया जाएगा और उन्हें बेहतर खिलाड़ी बनने के लिए विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से जिन संकल्पों की घोषणा की थी, उन्हें पूरा करने में मध्य प्रदेश महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

एक करोड़ युवाओं को AI की ट्रेनिंग, प्रतियोगी परीक्षाओं की मुफ्त तैयारी

सरकार ने अगले साल एक करोड़ से अधिक युवाओं को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी दक्षताओं की ट्रेनिंग देने का फैसला किया है। इसके अलावा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग की व्यवस्था भी की जाएगी।

स्वतंत्रता दिवस पर प्रधानमंत्री की ओर से की गई घोषणाओं में छात्रों के लिए मुफ्त ऑनलाइन कोचिंग, युवाओं को AI कौशल से जोड़ना, ग्रामीण क्षेत्रों की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देना और विज्ञान एवं तकनीक को प्राथमिकता देना शामिल था। मध्य प्रदेश कैबिनेट के फैसलों में इन घोषणाओं को लागू करने पर जोर दिया गया है।

डिंडोरी के कृषि मॉडल को दूसरे जिलों में लागू करने की तैयारी

कैबिनेट बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के क्रियान्वयन में डिंडोरी जिले की उपलब्धि पर भी चर्चा हुई। मंत्री राकेश सिंह ने बताया कि डिंडोरी ने इस योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने में देश में पहला स्थान हासिल किया है।

मुख्यमंत्री और मंत्रिमंडल के सदस्यों ने इस उपलब्धि के लिए डिंडोरी जिला प्रशासन के अधिकारियों को बधाई दी। सरकार अब डिंडोरी के मॉडल को प्रदेश के दूसरे जिलों में भी लागू करने की तैयारी कर रही है, ताकि वहां भी योजना के क्रियान्वयन को बेहतर बनाया जा सके।

100 जिलों को कवर करती है योजना

प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना में 100 जिलों को शामिल किया गया है। इसका उद्देश्य 36 मौजूदा योजनाओं को एक साथ लाकर कृषि क्षेत्र में बेहतर परिणाम हासिल करना है। योजना के तहत फसल विविधीकरण और टिकाऊ खेती की पद्धतियों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया जा रहा है।