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मुंबई पर बारिश का बड़ा खतरा, 48 घंटे के लिए रेड अलर्ट जारी, स्कूल-कॉलेज बंद करने की उठी मांग

मुंबई: देश की आर्थिक राजधानी मुंबई और उससे सटे इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच मौसम विभाग ने अगले दो दिनों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। 4 और 5 जुलाई को भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका को देखते हुए मुंबई और उपनगरों के लिए रेड अलर्ट घोषित किया गया है। इस चेतावनी के बाद प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी गई हैं और सुरक्षा उपायों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।

इसी बीच छात्रों की सुरक्षा को लेकर स्कूलों और कॉलेजों को अस्थायी रूप से बंद करने की मांग भी जोर पकड़ने लगी है। राज्यसभा सांसद मिलिंद देवरा ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन से 4 और 5 जुलाई को शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित करने की अपील की है।

अगले 48 घंटे बेहद संवेदनशील, भारी बारिश की आशंका

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में सक्रिय मजबूत मानसूनी तंत्र के प्रभाव से मुंबई, ठाणे और पालघर जिलों में अगले 48 घंटे बेहद महत्वपूर्ण रहने वाले हैं। अनुमान है कि इस दौरान मुंबई के कई हिस्सों में 200 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।

इसके साथ ही समुद्र में ऊंची लहरें उठने और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना जताई गई है। प्रशासन ने लोगों से समुद्री तटों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी है।

स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी घोषित करने की मांग

लगातार बारिश और शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति को देखते हुए सांसद मिलिंद देवरा ने मुख्यमंत्री और बृहन्मुंबई महानगरपालिका प्रशासन को पत्र लिखकर 4 और 5 जुलाई को सभी प्राथमिक, माध्यमिक स्कूलों और कॉलेजों में अवकाश घोषित करने की मांग की है।

उन्होंने कहा कि भारी बारिश और जलभराव के कारण विद्यार्थियों को आवागमन में गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ऐसे हालात में किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए एहतियाती कदम उठाना जरूरी है।

जलभराव वाले इलाकों में बढ़ाई गई निगरानी

रेड अलर्ट जारी होने के बाद महानगरपालिका प्रशासन ने पूरे अमले को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं। अंधेरी सब-वे, हिंदमाता, सायन, कुर्ला और मानखुर्द जैसे जलभराव प्रभावित इलाकों में अतिरिक्त पंपिंग स्टेशन सक्रिय कर दिए गए हैं ताकि बारिश के दौरान पानी निकासी में दिक्कत न हो।

आपदा प्रबंधन एजेंसियां भी अलर्ट मोड में

संभावित आपात स्थिति से निपटने के लिए राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और पुलिस की टीमों को तटीय तथा निचले इलाकों में तैनात किया गया है। इसके अलावा नियंत्रण कक्षों को 24 घंटे सक्रिय रखने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से दूर रहें, आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें और अत्यधिक आवश्यक होने पर ही घरों से बाहर निकलें।