दिल्ली में बड़ा बदलाव: 2 दिन वर्क फ्रॉम होम, नो व्हीकल डे और ऑनलाइन मीटिंग का फैसला, रेखा सरकार का ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान शुरू
नई दिल्ली: दिल्ली की रेखा गुप्ता सरकार ने 15 मई से शुरू होने वाले ‘मेरा भारत, मेरा योगदान’ अभियान के तहत कई बड़े और अहम फैसलों की घोषणा की है। सरकार ने ईंधन बचत, प्रदूषण नियंत्रण और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नई कार्ययोजना लागू करने का निर्णय लिया है।
सरकारी कर्मचारियों के लिए सप्ताह में 2 दिन वर्क फ्रॉम होम
सरकार ने फैसला किया है कि अब सरकारी कर्मचारियों को सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की सुविधा दी जाएगी। आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों को इस व्यवस्था से बाहर रखा गया है। सरकार का कहना है कि यह कदम पेट्रोल और डीजल की बचत के लिए उठाया गया है।
निजी संस्थानों से भी अपील, ऑनलाइन मीटिंग को बढ़ावा
सरकार ने निजी संस्थानों से भी अपील की है कि वे अपने कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था अपनाएं। साथ ही, बैठकों को अधिक से अधिक ऑनलाइन करने पर जोर दिया जाएगा ताकि अनावश्यक आवाजाही कम की जा सके।
‘नो व्हीकल डे’ और मेट्रो मंडे की पहल
मुख्यमंत्री ने जनता से नो व्हीकल डे मनाने की अपील की है। इसके साथ ही हर सोमवार को ‘मेट्रो मंडे’ के रूप में मनाने का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें मंत्री, मुख्यमंत्री और अधिकारी मेट्रो से यात्रा करेंगे।
विदेश यात्रा पर रोक और सरकारी आयोजनों में कटौती
सरकार ने घोषणा की है कि एक वर्ष तक किसी भी प्रकार की विदेशी यात्रा नहीं की जाएगी। सभी आधिकारिक विदेश दौरे भी रद्द कर दिए गए हैं। इसके अलावा, बड़े सरकारी आयोजनों और कार्यक्रमों को भी सीमित करने का निर्णय लिया गया है।
‘मेड इन इंडिया’ को बढ़ावा देने पर जोर
दिल्ली के मॉल्स में ‘मेड इन इंडिया’ उत्पादों के लिए विशेष कॉर्नर बनाए जाएंगे। सरकार ने 100 प्रतिशत भारतीय उत्पादों को प्राथमिकता देने का भी निर्णय लिया है। अभियान के तहत लोगों को स्वदेशी उत्पाद अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी।
मीटिंग और दफ्तरों के कामकाज में बदलाव
सरकारी स्तर पर 50 प्रतिशत मीटिंग ऑनलाइन करने का फैसला लिया गया है। दफ्तरों के समय में भी बदलाव किया गया है, जिसमें दिल्ली सरकार के कार्यालय सुबह 10:30 बजे से शाम 7 बजे तक और नगर निगम के कार्यालय सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित होंगे।
परिवहन और ईंधन बचत पर सख्त कदम
सरकार ने ट्रांसपोर्ट अलाउंस में 10 प्रतिशत वृद्धि की घोषणा की है, बशर्ते कर्मचारी 25 प्रतिशत पब्लिक ट्रांसपोर्ट का उपयोग करें। इसके अलावा, अधिकारियों के ईंधन कोटे में 20 प्रतिशत की कटौती की गई है। मुख्यमंत्री ने अपने काफिले में भी कटौती करते हुए गाड़ियों की संख्या 13-14 से घटाकर 4 कर दी है।
ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण पर फोकस
सरकार ने सभी दफ्तरों में एयर कंडीशनर को 24 से 26 डिग्री पर सेट करने और अनावश्यक बिजली उपयोग रोकने के लिए स्मार्ट सिस्टम लगाने का निर्णय लिया है। इसके साथ ही ईवी पॉलिसी को भी जल्द लागू करने की तैयारी है।
जनता से अपील, अभियान में भागीदारी जरूरी
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह अभियान 90 दिनों तक चलेगा और इसका उद्देश्य देशहित में ऊर्जा बचत और पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने नागरिकों से इसमें सक्रिय भागीदारी की अपील की है।
