BJP राष्ट्रीय कार्यकारिणी गठन की तैयारी तेज, छत्तीसगढ़ के पांच नेताओं को मिल सकती है बड़ी जिम्मेदारी; 12 मई को अहम बैठकें
रायपुर: भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के गठन को लेकर संगठन स्तर पर तैयारियां तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि इस महीने के आखिरी सप्ताह तक नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा की जा सकती है। सूत्रों के मुताबिक छत्तीसगढ़ से पांच नेताओं को राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जगह मिलने की संभावना है।
इसी सिलसिले में भाजपा के राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश 12 मई को छत्तीसगढ़ दौरे पर आ रहे हैं। रायपुर में होने वाली बैठकों के दौरान वे मुख्यमंत्री सहित पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ संगठनात्मक मुद्दों और संभावित नामों पर चर्चा कर सकते हैं।
कई बड़े नेताओं के नाम चर्चा में
जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ के क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल और भाजपा संगठन महामंत्री पवन साय राष्ट्रीय कार्यकारिणी के पदेन सदस्य रहेंगे। वहीं अन्य सदस्यों के नामों पर अंतिम फैसला भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की ओर से किया जाएगा।
प्रदेश से जिन नेताओं के नाम चर्चा में हैं उनमें कोंडागांव विधायक और पूर्व मंत्री लता उसेंडी का नाम प्रमुख माना जा रहा है। इसके अलावा खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, बस्तर सांसद महेश कश्यप, पूर्व केंद्रीय मंत्री रेणुका सिंह और भाजपा नेता भावना बोहरा के नाम भी संभावित सूची में बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक उपमुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा को भी राष्ट्रीय कार्यकारिणी में जिम्मेदारी मिलने की संभावना जताई जा रही है।
12 और 13 मई को होंगी अहम बैठकें
छत्तीसगढ़ भाजपा की महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठकें 12 और 13 मई को रायपुर स्थित कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में आयोजित की जाएंगी।
12 मई को शाम 6 बजे भाजपा कोर कमेटी की बैठक प्रस्तावित है। इसके बाद शाम 7:30 बजे प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें आगामी संगठनात्मक रणनीति और राष्ट्रीय कार्यकारिणी को लेकर चर्चा होने की संभावना है।
वहीं 13 मई को सुबह 10 बजे प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित होगी।
वरिष्ठ नेताओं का मिलेगा मार्गदर्शन
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कंडेय के अनुसार बैठकों में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिव प्रकाश वरिष्ठ नेताओं का मार्गदर्शन मिलेगा।
राजनीतिक जानकारों के मुताबिक राष्ट्रीय कार्यकारिणी में छत्तीसगढ़ के नेताओं को मिलने वाली जिम्मेदारियां आगामी चुनावी रणनीति और संगठन विस्तार के लिहाज से अहम मानी जा रही हैं।
