उत्तर प्रदेशलखनऊ

योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर अखिलेश यादव का तंज, बोले- ‘अब यूपी में CM सिर्फ कूरियर मैसेंजर’; बीजेपी ने किया पलटवार

उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा शासन में मुख्यमंत्री की भूमिका सिर्फ “कूरियर मैसेंजर” तक सीमित होकर रह गई है। वहीं भाजपा ने भी सपा प्रमुख के बयान पर तीखा पलटवार किया है।

‘ऊपर से पर्ची आती है, यहां सिर्फ पढ़ी जाती है’

अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए मंत्रिमंडल विस्तार पर तंज कसा। उन्होंने लिखा, “समय बिताने के लिए करना है कुछ काम! वैसे भी मंत्रिमंडल के विस्तार में तो इनका कोई काम है नहीं।”

उन्होंने आगे लिखा, “उधर से पर्ची आएगी, यहां तो सिर्फ पढ़ी जाएगी। भाजपा राज में वैसे भी मुख्यमंत्री का मतलब बस यही रह गया है — कूरियर मैसेंजर।”

सपा प्रमुख के इस बयान को भाजपा नेतृत्व और मुख्यमंत्री कार्यालय की कार्यशैली पर सीधा हमला माना जा रहा है।

बीजेपी का जवाब- ‘कृष्णावतारम् देखकर सीख लें अखिलेश’

अखिलेश यादव के बयान पर भाजपा की ओर से भी कड़ी प्रतिक्रिया सामने आई। भाजपा प्रदेश प्रवक्ता हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि अखिलेश यादव को “उपदेशक” की भूमिका छोड़कर आत्ममंथन करना चाहिए।

उन्होंने कहा, “मेरी सलाह है कि अखिलेश जी अपनी पार्टी के नेताओं के साथ कृष्णावतारम् फिल्म देखें और भगवान श्रीकृष्ण के संदेश को समझें।”

भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा कि जनता ने पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी को और उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को उनके “कंस कर्मों” के कारण सत्ता से बाहर किया है।

सपा सरकार पर भी साधा निशाना

हरिश्चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि वर्ष 2012 से 2017 तक की सपा सरकार के दौरान हुए कार्यों का परिणाम ही है कि जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया।

उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने पार्टी और सरकार को परिवार तक सीमित रखा। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि “आय से अधिक संपत्ति और परिवारवाद की राजनीति करने वालों के मुंह से नैतिकता और त्याग की बातें शोभा नहीं देतीं।”

रविवार को हुआ मंत्रिमंडल विस्तार

गौरतलब है कि रविवार को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने जन भवन में आयोजित समारोह में छह नए मंत्रियों समेत कुल आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। इसके बाद से ही प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी का दौर शुरू हो गया है।

मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विपक्ष लगातार भाजपा सरकार पर निशाना साध रहा है, जबकि भाजपा इसे संगठन और सरकार के संतुलन का हिस्सा बता रही है।