13 साल बाद पंजाब में मजदूरों को बड़ी राहत, न्यूनतम मजदूरी में 15% बढ़ोतरी का ऐलान; लाखों श्रमिकों की बढ़ेगी आमदनी
पंजाब में अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस के मौके पर श्रमिकों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार, 1 मई को राज्य में न्यूनतम मजदूरी में 15 फीसदी बढ़ोतरी का ऐलान किया। यह फैसला 13 साल के लंबे इंतजार के बाद लिया गया है, जिससे प्रदेश के लाखों श्रमिकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।
विधानसभा में मुख्यमंत्री ने किया ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य विधानसभा में इस महत्वपूर्ण निर्णय की घोषणा करते हुए कहा कि वह श्रमिकों के न्यूनतम वेतन में 15 प्रतिशत की वृद्धि कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह बदलाव 13 साल बाद किया गया है और इसका उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच मेहनतकश वर्ग को आर्थिक राहत देना है।
सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों पर होगा लागू
सरकार के इस फैसले का लाभ राज्य के सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों को मिलेगा। अकुशल और कुशल दोनों श्रेणी के मजदूरों की सैलरी में बढ़ोतरी होगी, जिससे उनकी टेक होम आय में इजाफा होगा और आर्थिक स्थिति में सुधार आने की संभावना है।
कांग्रेस ने पहले उठाई थी मजदूरी बढ़ाने की मांग
इस फैसले से पहले कांग्रेस नेता और विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने मजदूर दिवस के अवसर पर सरकार से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने की मांग की थी। उन्होंने कहा था कि यदि सरकार श्रमिकों के प्रति गंभीर है तो अकुशल श्रमिकों की मजदूरी 400 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये प्रतिदिन की जानी चाहिए। इसी मुद्दे को लेकर उन्होंने विधानसभा के विशेष सत्र में भी यह मांग उठाने की बात कही थी।
महंगाई भत्ते के बकाये को लेकर भी उठी आवाज
प्रताप सिंह बाजवा ने राज्य सरकार से कर्मचारियों के लंबित महंगाई भत्ते को जारी करने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि करीब 14,500 करोड़ रुपये का बकाया महंगाई भत्ता कर्मचारियों को दिया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि जब तक यह भुगतान नहीं होता, तब तक मुख्यमंत्री, नेता प्रतिपक्ष, मंत्रिमंडल, विधायकों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के वेतन पर रोक लगाई जानी चाहिए।
श्रमिकों के लिए राहत भरा फैसला माना जा रहा है
राज्य सरकार का यह कदम ऐसे समय में आया है जब महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में न्यूनतम मजदूरी में यह बढ़ोतरी श्रमिक वर्ग के लिए बड़ी राहत के रूप में देखी जा रही है, जिससे उनकी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना पहले के मुकाबले आसान हो सकेगा।
