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खाड़ी तनाव और दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे का दोहरा असर: चारधाम यात्रा में हरिद्वार के होटल-ट्रैवल कारोबार पर गहरी मार

चारधाम यात्रा की शुरुआत के साथ ही उत्तराखंड के हरिद्वार में पर्यटन और ट्रैवल कारोबार को इस बार भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। एक ओर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और ईंधन कीमतों को लेकर फैली अनिश्चितता ने यात्रियों को असमंजस में डाल दिया है, तो दूसरी ओर दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे ने पारंपरिक यात्रा रूट को बदल दिया है। इसका सीधा असर हरिद्वार में रुकने वाले श्रद्धालुओं की संख्या पर पड़ा है, जिससे होटल और ट्रैवल कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

हरिद्वार में 40% होटल खाली, यात्रियों की संख्या में बड़ी गिरावट

चारधाम यात्रा के शुरुआती 10 दिनों में ही हरिद्वार के करीब 40 प्रतिशत होटल खाली पड़े हैं। कारोबारियों के मुताबिक पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की आमद काफी कम है। शहर के लगभग 1200 होटलों में से करीब 480 होटल खाली हैं और एडवांस बुकिंग भी लगभग न के बराबर है। ऋषिकुल मैदान स्थित ऑफलाइन पंजीकरण केंद्रों पर भी यात्रियों की भीड़ पहले की तुलना में बेहद कम देखी जा रही है।

एक्सप्रेसवे बना रूट बदलने की बड़ी वजह

व्यापारियों का कहना है कि दिल्ली–देहरादून एक्सप्रेसवे के कारण अब श्रद्धालु हरिद्वार में रुकने के बजाय सीधे देहरादून की ओर बढ़ रहे हैं। इससे न सिर्फ होटल कारोबार प्रभावित हुआ है, बल्कि ट्रैवल एजेंसियों की बुकिंग भी तेजी से घटी है। यात्रियों की कमी के कारण कई होटलों के संचालन पर सीधा असर पड़ा है और अधिकांश प्रतिष्ठानों में इंक्वायरी भी काफी कम हो गई है।

खाड़ी तनाव और ईंधन कीमतों की आशंका से असमंजस

हरिद्वार ट्रैवल एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और गैस व ईंधन कीमतों में संभावित बढ़ोतरी की अफवाहों ने भी यात्रियों को प्रभावित किया है। कई लोग यात्रा टाल रहे हैं। कारोबारियों का कहना है कि इस साल ट्रैवल सेक्टर में लगभग 60 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है और एडवांस बुकिंग लगभग बंद है।

वाहनों की बुकिंग घटी, पार्किंग में खड़े टैक्सी और टेंपो ट्रैवल

ट्रैवल कारोबारियों के मुताबिक पिछले साल शुरुआती दिनों में रोजाना 600 से 700 वाहन चारधाम यात्रा के लिए हरिद्वार से रवाना होते थे, लेकिन इस साल यह संख्या घटकर 250 से 300 रह गई है। करीब 2500 टैक्सी और टेंपो ट्रैवल वाहनों में से अधिकतर पार्किंग में खड़े हैं, जिससे ऑपरेटरों के सामने स्टाफ और मेंटेनेंस का खर्च निकालना भी मुश्किल हो गया है।

कारोबारियों में चिंता, भविष्य को लेकर अनिश्चितता

होटल और ट्रैवल कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि मौजूदा हालात में न सिर्फ कारोबार घटा है, बल्कि आने वाले दिनों की बुकिंग भी उम्मीद से काफी कम है। अधिकांश पर्यटक 15 मई के बाद यात्रा की योजना बना रहे हैं, लेकिन फिलहाल बाजार में सुस्ती बनी हुई है।