धामी कैबिनेट के 18 बड़े फैसले: मदरसा नियमों में बदलाव से लेकर पूर्व सैनिकों को मुफ्त कानूनी मदद तक कई अहम निर्णयों पर मुहर
उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार की कैबिनेट बैठक में राज्य से जुड़े 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों का असर शिक्षा, प्रशासन, परिवहन, उद्योग और धार्मिक व्यवस्थाओं तक देखने को मिलेगा। खास तौर पर कुंभ मेले की तैयारियों, मदरसा शिक्षा प्रणाली और पूर्व सैनिकों को मिलने वाली सुविधाओं में बड़े बदलाव किए गए हैं।
कुंभ मेले की व्यवस्थाओं में बड़ा बदलाव
कैबिनेट ने कुंभ मेले की व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए नई स्वीकृति प्रणाली लागू की है। अब कुंभ से जुड़े 1 करोड़ रुपये तक के कार्य मेला अधिकारी, 5 करोड़ रुपये तक के कार्य गढ़वाल आयुक्त और इससे अधिक लागत वाले कार्य शासन स्तर से स्वीकृत किए जाएंगे। इस फैसले से परियोजनाओं में तेजी आने की उम्मीद जताई जा रही है।
मदरसा शिक्षा व्यवस्था में बड़े सुधार
सरकार ने मदरसा शिक्षा को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए अहम निर्णय लिया है। अब कक्षा 1 से 8 तक के मदरसों को जिला स्तरीय समिति से मान्यता लेनी होगी, जबकि कक्षा 9 से 12 तक के मदरसों को उत्तराखंड शिक्षा बोर्ड से संबद्ध किया जाएगा। इस बदलाव का उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और एकरूपता लाना बताया गया है।
पूर्व सैनिकों को मुफ्त कानूनी सहायता का लाभ
धामी कैबिनेट ने पूर्व सैनिकों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली के तहत मुफ्त कानूनी सहायता देने का निर्णय लिया है। इससे राज्य के हजारों पूर्व सैनिकों को न्यायिक प्रक्रियाओं में मदद मिलेगी।
भर्ती और वन विभाग के नियमों में सख्ती
सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए अब प्रतीक्षा सूची (वेटिंग लिस्ट) की वैधता केवल एक वर्ष तक सीमित कर दी गई है। वहीं वन विभाग में भर्ती नियमों को कड़ा करते हुए वन दरोगा के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। वन दरोगा की आयु सीमा 21 से 35 वर्ष और वन आरक्षी के लिए 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
परिवहन और बुनियादी ढांचे पर फोकस
परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए विभाग 359 नई बसों की खरीद करेगा। साथ ही प्रवर्तन सिपाहियों की नई वर्दी भी तय की गई है। स्थानीय ठेकेदारों को राहत देते हुए ‘डी’ श्रेणी के ठेकेदारों की कार्य सीमा बढ़ाकर डेढ़ करोड़ रुपये कर दी गई है।
कर, खनन और अन्य अहम फैसले
कैबिनेट ने आबकारी पर वैट की दर 12 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत कर दी है। वहीं खनन पर रॉयल्टी की दर 7 रुपये से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति क्विंटल कर दी गई है। इसके अलावा वन क्षेत्र में मधुमक्खी पालन नीति को भी मंजूरी दी गई है।
शिक्षा और भर्ती से जुड़े अन्य निर्णय
उच्च शिक्षा में शोध पुरस्कार योजना में अब 21 अशासकीय विद्यालयों को शामिल किया जाएगा। साथ ही विशेष शिक्षकों की भर्ती और संस्कृत शिक्षा विभाग के 62 पदों के लिए नियमावली को भी मंजूरी दी गई है।
