बिहार

बिहार में सम्राट चौधरी कैबिनेट की दूसरी बैठक में बड़ा फैसला, कोईलवर–बक्सर गंगा पथ को मंजूरी; 64 एजेंडों पर लगी मुहर

बिहार में सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बनी नई एनडीए सरकार की कैबिनेट की दूसरी अहम बैठक बुधवार को संपन्न हुई। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में कुल 64 एजेंडों को मंजूरी दी गई, जिनमें कई बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर, प्रशासनिक और सामाजिक विकास से जुड़े फैसले शामिल रहे।

कोईलवर–बक्सर गंगा पथ को मिली मंजूरी, कई बड़े प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी
कैबिनेट में सबसे अहम फैसला कोईलवर से बक्सर तक गंगा पथ के निर्माण को मंजूरी देना रहा। इसके साथ ही सारण में नए नारायणी पथ को भी स्वीकृति दी गई है। वहीं कोईलवर पथ को अब ‘विश्वामित्र पथ’ के नाम से जाना जाएगा। सरकार ने गंगा पथ परियोजना को आगे बढ़ाते हुए इसे राज्य के बड़े कनेक्टिविटी नेटवर्क का हिस्सा बनाने की दिशा में कदम उठाया है।

64 एजेंडों पर लगी मुहर, कई क्षेत्रों में बड़े फैसले
बैठक में वित्त विभाग में साइबर ट्रेजरी के गठन को मंजूरी दी गई। इसके अलावा मुख्यमंत्री बिजली उपभोक्ता सहायता योजना के तहत वर्ष 2026-27 के लिए 23,165 करोड़ रुपये जारी करने का प्रस्ताव भी स्वीकृत हुआ। इस योजना के तहत बिजली सब्सिडी का भुगतान सीधे एनटीपीसी को किया जाएगा।

शिक्षा और रोजगार के लिए बड़े फैसले, 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज
सरकार ने 7-निश्चय-3 योजना के तहत 208 प्रखंडों में नए डिग्री कॉलेज खोलने को मंजूरी दी है। इसके साथ ही 9,152 नए पदों के सृजन को भी हरी झंडी दी गई है, जिससे शिक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

बिहार पुलिस में 20 हजार से अधिक पदों पर भर्ती का रास्ता साफ
कैबिनेट बैठक में बिहार पुलिस में 20,937 पदों पर भर्ती और प्रमोशन को मंजूरी दी गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा।

गंगा पथ परियोजनाओं का विस्तार, PPP मॉडल पर विकास
गंगा पथ को विस्तार देते हुए बक्सर, आरा और मनेर तक नई परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिदुपुर–दीघवारा, सारण–गोपालगंज और बक्सर–आरा–मनेर गंगा पथ परियोजनाओं को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मोड पर विकसित करने पर सैद्धांतिक सहमति दी गई है।

जलापूर्ति और आधारभूत ढांचे पर बड़ा निवेश
पीएचईडी विभाग द्वारा 29,933 जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव और आईओटी आधारित निगरानी के लिए 3,601 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं पटना में साइबर अपराध इकाई और विशेष शाखा के लिए G+5 भवन निर्माण हेतु 51 करोड़ से अधिक की मंजूरी दी गई है।

सामाजिक क्षेत्र में भी अहम फैसले
एससी-एसटी छात्रावास अनुदान को 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। इसके साथ ही गर्दनीबाग में ऑटिज्म से प्रभावित बच्चों के लिए ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ स्थापित किया जाएगा।

स्मार्ट सिटी और संस्थानों के नाम में बदलाव
मुजफ्फरपुर स्मार्ट सिटी परियोजना के लिए 93.75 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। वहीं संजय गांधी जैविक उद्यान का नाम बदलकर अब आधिकारिक रूप से ‘पटना जू’ रखने को भी मंजूरी दी गई है।

वित्तीय प्रबंधन और कोष व्यवस्था में बड़ा बदलाव
वित्त विभाग में साइबर कोषागार के गठन के लिए 23 पदों के सृजन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा बिहार आकस्मिकता निधि को 350 करोड़ से बढ़ाकर 13,900 करोड़ रुपये (वित्तीय वर्ष 2026-27) कर दिया गया है।