उत्तर प्रदेश

यूपी में ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुइजीन’ की पहल, स्थानीय स्वाद को मिलेगा नया मंच, ग्रामोद्योग को बढ़ावा

लखनऊ: ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ की सफलता के बाद उत्तर प्रदेश में अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुइजीन’ पहल को आगे बढ़ाया जा रहा है। इस नई पहल का उद्देश्य प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों को पहचान दिलाना और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाना है। इससे न सिर्फ स्थानीय स्वाद को नया मंच मिलेगा, बल्कि ग्रामोद्योग और कारीगरों को भी मजबूती मिलेगी।

स्थानीय उत्पादों के बाद अब पारंपरिक व्यंजनों पर फोकस
बुधवार को पीआइबी लखनऊ और पीआइबी जम्मू के समन्वय से जम्मू-कश्मीर से आए मीडिया प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की गतिविधियों का अवलोकन किया। इस दौरान ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन प्रोडक्ट’ और ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुइजीन’ योजनाओं की विस्तार से जानकारी दी गई। बोर्ड के अध्यक्ष शिशिर ने बताया कि ओडीओपी योजना के जरिए प्रदेश के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई पहचान मिली है।

ब्रांडिंग और मार्केटिंग से खादी को नई पहचान
उन्होंने कहा कि इसी मॉडल पर अब ‘वन डिस्ट्रिक्ट-वन कुइजीन’ को भी आगे बढ़ाया जा रहा है, जिससे पारंपरिक व्यंजनों को ब्रांडिंग और मार्केटिंग के जरिए व्यापक पहचान मिलेगी। खादी को आधुनिक तरीके से प्रस्तुत कर उसे आत्मनिर्भरता का मजबूत साधन बनाया गया है। इससे कारीगरों और बुनकरों को सीधे बाजार से जोड़ने में मदद मिली है, जिससे उनकी आय में सुधार हुआ है।

युवाओं और कारीगरों को मिल रहा रोजगार
सरकार की विभिन्न योजनाओं के जरिए युवाओं और पारंपरिक कारीगरों को रोजगार और प्रशिक्षण दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना और विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के माध्यम से नए उद्यमों को प्रोत्साहन मिल रहा है, जिससे स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां तेज हो रही हैं।

अन्य राज्यों के लिए बन रहा मॉडल
जम्मू-कश्मीर से आए प्रतिनिधियों ने उत्तर प्रदेश में खादी, ग्रामोद्योग और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों के क्षेत्र में हो रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने इसे अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक मॉडल बताया, जो स्थानीय संसाधनों के बेहतर उपयोग और रोजगार सृजन की दिशा में अहम कदम साबित हो सकता है।