दिल्ली

दौलत राम कॉलेज में वेतन विवाद गरमाया, कर्मचारियों का धरना; प्रिंसिपल पर दुर्व्यवहार के गंभीर आरोप

नई दिल्ली। राजधानी के दौलत राम कॉलेज में वेतन रोकने के मुद्दे को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। दिल्ली यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज कर्मचारी यूनियन के बैनर तले कर्मचारियों ने एक कर्मचारी का पिछले पांच महीनों से वेतन न मिलने के विरोध में धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

यूनियन का आरोप है कि कर्मचारी लंबे समय से शांतिपूर्ण तरीके से धरने पर बैठे हैं, लेकिन कॉलेज प्रशासन समाधान निकालने के बजाय दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। इससे कर्मचारियों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है।

प्रिंसिपल पर दुर्व्यवहार और गेट बंद कराने के आरोप

यूनियन के अध्यक्ष देवेंद्र शर्मा ने आरोप लगाया कि 23 फरवरी को कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. सविता राय धरना स्थल पर पहुंचीं और कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने दावा किया कि एक दिव्यांग कर्मचारी के हाथ से माइक छीन लिया गया और कॉलेज का गेट अंदर से बंद करा दिया गया, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई।

प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं

इस पूरे मामले में कॉलेज प्रशासन का पक्ष सामने नहीं आ पाया है। प्रिंसिपल सविता राय से फोन और वॉट्सएप के जरिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।

निलंबन और वेतन रोकने के आरोप से बढ़ा विवाद

यूनियन के मुताबिक, उनके दो पदाधिकारियों—दौलत सिंह रावत और अमित कुमार जमवाल—को निलंबित कर दिया गया है। इसके अलावा लाइब्रेरी अटेंडेंट गोविंद सिंह का पिछले पांच महीनों से वेतन रोका गया है और कॉलेज परिसर में उनके प्रवेश पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है।

इस पूरे घटनाक्रम ने कॉलेज प्रशासन और कर्मचारियों के बीच टकराव को और तेज कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में विवाद के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।