Friday, April 24, 2026
उत्तर प्रदेश

यूपी में पर्यटन स्टार्टअप को बड़ा बढ़ावा: योगी सरकार देगी ₹40 करोड़ तक की सब्सिडी, युवाओं के लिए कारोबार शुरू करने का सुनहरा अवसर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन को रोजगार और स्टार्टअप का मजबूत आधार बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रदेश के पर्यटन विभाग ने ‘न्यू टूरिज्म स्टार्टअप यूनिट्स योजना’ की शुरुआत की है, जिसके जरिए युवाओं और निवेशकों को अपने नए और इनोवेटिव आइडिया को व्यवसाय में बदलने का मौका मिलेगा। सरकार का लक्ष्य है कि आधुनिक तकनीक और अनुभव आधारित पर्यटन परियोजनाओं को बढ़ावा देकर राज्य में निवेश और रोजगार दोनों को गति दी जाए।

नई तकनीक और थीम आधारित प्रोजेक्ट्स को मिलेगी प्राथमिकता

इस योजना के तहत पर्यटन क्षेत्र में कई अभिनव और आकर्षक प्रोजेक्ट्स को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इनमें थीम आधारित आवास जैसे ‘हैबिट हाउस’, जापानी शैली के पाड्स और कैप्सूल स्टे, पर्यावरण संरक्षण पर आधारित रीजेनरेटिव टूरिज्म यूनिट्स, अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कैरावान यूनिट्स और ओपन-एयर ‘स्टार बेड’ जैसी अवधारणाएं शामिल हैं। इन परियोजनाओं के जरिए पर्यटकों को नया अनुभव देने के साथ-साथ प्रदेश को एक आधुनिक पर्यटन हब के रूप में विकसित करने की योजना है।

निवेशकों से आमंत्रित किए जाएंगे प्रस्ताव, समिति करेगी चयन

पर्यटन विभाग ने इस योजना के तहत निवेशकों से प्रस्ताव आमंत्रित किए हैं। सभी प्रस्तावों को राज्य स्तरीय विशेष पर्यटन समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। यही समिति परियोजनाओं का मूल्यांकन कर उन्हें मिलने वाले प्रोत्साहन और रियायतों का अंतिम निर्णय करेगी। इससे पारदर्शिता के साथ बेहतर और व्यवहारिक प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।

निवेश के आधार पर मिलेगी आकर्षक सब्सिडी

पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के अनुसार, उत्तर प्रदेश पर्यटन नीति के तहत निवेशकों को विभिन्न श्रेणियों में सब्सिडी दी जाएगी। 10 लाख से 10 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 25 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 2 करोड़ रुपये), 50 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 20 प्रतिशत (अधिकतम 7.5 करोड़ रुपये), 200 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 15 प्रतिशत (अधिकतम 20 करोड़ रुपये), 500 करोड़ रुपये तक के निवेश पर 10 प्रतिशत (अधिकतम 25 करोड़ रुपये) और 500 करोड़ रुपये से अधिक के निवेश पर 10 प्रतिशत सब्सिडी (अधिकतम 40 करोड़ रुपये) प्रदान की जाएगी।

स्टांप शुल्क में छूट और विशेष वर्गों को अतिरिक्त लाभ

योजना के तहत निवेशकों को 100 प्रतिशत स्टांप शुल्क में छूट के साथ भूमि परिवर्तन और विकास शुल्क में भी राहत दी जाएगी। इसके अलावा अनुसूचित जाति, जनजाति और महिला उद्यमियों को 5 प्रतिशत अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलेगा, जिससे अधिक से अधिक लोगों को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहन मिल सके।