सौतेली मां और बेटे के प्रेम संबंध का दर्दनाक अंत, युवक ने जहर खाया तो महिला ने अस्पताल परिसर में लगा ली फांसी
अंबाजोगाई : महाराष्ट्र के अंबाजोगाई से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। यहां सौतेली मां और बेटे के कथित प्रेम संबंधों का दर्दनाक अंत हो गया। बदनामी के डर से युवक ने जहरीला पदार्थ खा लिया, जबकि उसकी मौत की खबर मिलने के बाद महिला ने भी अस्पताल परिसर में पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद इलाके में भारी सनसनी फैल गई है।
सौतेली मां और बेटे के बीच बढ़ी नजदीकियां
जानकारी के मुताबिक, केज तालुका के सोनी जवला गांव निवासी साहेबराव पवार का पहली पत्नी से तलाक हो चुका था। करीब चार साल पहले उन्होंने अनीता नाम की महिला से दूसरी शादी की थी। इसी दौरान साहेबराव की पहली पत्नी से हुए बेटे अनिल साहेबराव पवार और उसकी सौतेली मां अनीता के बीच कथित प्रेम संबंध बन गए।
बताया जा रहा है कि दोनों के रिश्ते इतने गहरे हो गए थे कि कुछ दिन पहले वे घर छोड़कर तेलंगाना चले गए थे। पत्नी और बेटे के अचानक गायब होने के बाद साहेबराव पवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन के आधार पर दोनों को तेलंगाना से हिरासत में लिया था।
बदनामी के डर से युवक ने खाया जहर
मामला उजागर होने और सामाजिक बदनामी के डर से अनिल ने जहरीला पदार्थ पी लिया। हालत बिगड़ने पर उसे अंबाजोगाई के स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण वैद्यकीय महाविद्यालय में भर्ती कराया गया। करीब चार दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
प्रेमी की मौत का सदमा नहीं सह पाई महिला
अनिल की मौत की खबर सुनते ही अनीता गहरे सदमे में चली गई। बताया जा रहा है कि वह यह दुख सहन नहीं कर सकी और स्वामी रामानंद तीर्थ वैद्यकीय महाविद्यालय परिसर के पीछे स्थित सरकारी शिरीष के पेड़ से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
इस दोहरी मौत की घटना के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। लोग इस मामले को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं कर रहे हैं।
मौके पर पहुंची पुलिस, शुरू हुई जांच
पेड़ से महिला का शव लटका मिलने के बाद स्वामी रामानंद तीर्थ ग्रामीण वैद्यकीय महाविद्यालय के डॉक्टर धपाटे ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही अंबाजोगाई शहर पुलिस थाना के पुलिस निरीक्षक शरद जोगदंड के निर्देश पर पुलिस उपनिरीक्षक कांदे और मंगेश भोले टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पंचनामा किया।
इस दौरान ड्यूटी पर मौजूद डॉ. निलेश पुरी और डॉ. नितीन साखरे भी घटनास्थल पर पहुंचे। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद डॉ. निलेश पुरी ने अनीता को मृत घोषित कर दिया।
