साइबर ठगी से हवाला तक फैला सुल्तान मिर्जा गैंग का नेटवर्क, ‘KG’ कोड से चलता था करोड़ों का खेल
कानपुर: बिहार के सुल्तान मिर्जा उर्फ अभय के गिरोह का साइबर ठगी के बाद हवाला कारोबार से भी कनेक्शन सामने आया है। उत्तर प्रदेश पुलिस की जांच में खुलासा हुआ है कि 250 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले इस गिरोह ने अवैध तरीके से रकम को देश-विदेश में पहुंचाने के लिए खास कोडवर्ड सिस्टम बना रखा था। गिरोह में रकम के ट्रांसफर के लिए ‘केजी’ शब्द का इस्तेमाल किया जाता था, जिसमें राशि बढ़ने के साथ ‘वजन’ भी बढ़ता जाता था।
ठगी की रकम को हवाला के जरिए भेजता था गिरोह
पुलिस के अनुसार, सुल्तान मिर्जा गिरोह के गिरफ्तार सदस्यों राजवीर सिंह और शिवम सिन्हा से पूछताछ में कई अहम जानकारी सामने आई हैं। दोनों ने बताया कि साइबर ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल हवाला कारोबार में किया जाता था।
गिरोह से जुड़े साइबर ठग देश के कई राज्यों के अलावा विदेशों तक फैले हुए हैं। इन्हीं नेटवर्क के जरिए कुछ ही समय में करोड़ों रुपये एक जगह से दूसरी जगह पहुंचा दिए जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि हवाला के जरिए महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़, मुंबई और दुबई समेत कई जगहों पर रकम भेजी गई।
‘केजी’ कोड से तय होती थी रकम
जांच में पता चला है कि गिरोह ने हवाला ट्रांसफर के लिए एक तय तरीका बना रखा था। एक दिन में अधिकतम दो बार ही रकम भेजी जाती थी और दोनों ट्रांसफर के बीच करीब दो घंटे का अंतर रखा जाता था।
गिरोह में एक केजी का मतलब एक लाख रुपये और दो केजी का मतलब दो लाख रुपये होता था। रकम जितनी ज्यादा होती थी, केजी का आंकड़ा उतना ही बढ़ जाता था। इसी कोड के जरिए गिरोह के सदस्य रकम और ट्रांसफर की जानकारी साझा करते थे।
म्यूल खातों के जरिए चलता था ठगी का नेटवर्क
पुलिस ने बताया कि बुधवार को 50 हजार रुपये के इनामी साइबर ठग राजवीर सिंह और उसके साथी शिवम सिन्हा को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ में दोनों ने खुलासा किया कि वे बिहार के सासाराम निवासी सुल्तान मिर्जा को म्यूल बैंक खाते उपलब्ध कराते थे।
इसके बदले सुल्तान उन्हें प्रत्येक खाते के लिए हर महीने 25 हजार रुपये देता था। पुलिस के मुताबिक, इस गिरोह ने नौ राज्यों में करीब 250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया है।
पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल के अनुसार, गिरफ्तार शिवम गिरोह में फंड मैनेजर की भूमिका निभाता था। वही पैसों के लेन-देन और अन्य आर्थिक गतिविधियों को संभालता था।
गिरोह में बैंककर्मी, वकील और रसूखदार लोगों की भूमिका की जांच
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि सुल्तान मिर्जा के नेटवर्क में कुछ बैंक कर्मचारी, अधिकारी, अधिवक्ता और प्रभावशाली लोग जुड़े हो सकते हैं। बैंक कर्मचारियों की मदद से म्यूल खाते खुलवाने का काम किया जाता था।
पुलिस के मुताबिक कुछ संदिग्ध लोगों के नाम सामने आए हैं और जल्द ही उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है। सुल्तान ने कानूनी मदद के लिए अग्रिम जमानत की प्रक्रिया भी शुरू कर रखी है।
दुबई में मिला सुल्तान का ठिकाना, वीडियो भी आया सामने
250 करोड़ रुपये की साइबर ठगी के आरोपी सुल्तान मिर्जा की लोकेशन पुलिस को दुबई में मिल रही है। पुलिस को एक वीडियो भी मिला है, जिसमें वह एक होटल में डांसर के साथ नजर आ रहा है और पैसे उड़ाता दिखाई दे रहा है।
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। सबसे पहले उसका पासपोर्ट निरस्त कराने की कार्रवाई की जा रही है, ताकि वह किसी अन्य देश में न जा सके। इसके बाद उसके खिलाफ जरूरी कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
अंचित गोयल भी गिरफ्तार, अलग गिरोह चलाने का आरोप
साइबर ठगी मामले की जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने आगरा के फतेहपुर सीकरी निवासी अंचित गोयल को भी गिरफ्तार किया है। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
पुलिस के अनुसार, अंचित भी सुल्तान मिर्जा की तरह साइबर ठगी का नेटवर्क चला रहा था और म्यूल खाते उपलब्ध कराने समेत अन्य गतिविधियों में शामिल था। उससे पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
चार और आरोपी पुलिस के रडार पर
पुलिस सूत्रों के मुताबिक सुल्तान मिर्जा का नेटवर्क केवल राजवीर और शिवम तक सीमित नहीं है। गिरोह से जुड़े चार अन्य शातिर भी पुलिस की निगरानी में हैं। इन पर देश के साथ-साथ विदेशों में रहने वाले भारतीयों को ठगी का शिकार बनाने का आरोप है।
पुलिस का अनुमान है कि इन आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ठगी की कुल रकम 500 करोड़ रुपये तक पहुंच सकती है। फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है।
