करंट से मौत मामले में मुआवजे पर हरियाणा सरकार को झटका, हाई कोर्ट ने 6 सप्ताह में फैसला लेने का दिया आदेश
चंडीगढ़ में करंट लगने से हुई एक व्यक्ति की मौत के मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने हरियाणा सरकार और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि पीड़ित परिवार के मुआवजे के दावे पर छह सप्ताह के भीतर अनिवार्य रूप से फैसला लिया जाए।
याचिका को ही मान लिया जाएगा आवेदन
हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इस मामले में दायर याचिका को ही औपचारिक आवेदन माना जाएगा और सक्षम प्राधिकारी को नियमों के अनुसार इस पर विचार कर उचित आदेश पारित करना होगा।
काम के दौरान करंट लगने से हुई थी मौत
यह मामला जस्टिस जगमोहन बंसल की एकलपीठ में सुना गया। याचिका संजोगिता द्वारा दायर की गई थी, जिसमें बताया गया कि उनके पति राकेश कुमार की 1 जुलाई 2025 को यमुनानगर में शटरिंग कार्य के दौरान करंट लगने से मौत हो गई थी। बताया गया कि काम के दौरान वह एक ढीली बिजली की तार के संपर्क में आ गए थे, जिसके बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
लापरवाही का आरोप, मुआवजे की मांग
याचिकाकर्ता की ओर से आरोप लगाया गया कि यह स्पष्ट लापरवाही का मामला है और बिजली विभाग की जिम्मेदारी बनती है कि मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा दिया जाए। इस संबंध में पहले ही संबंधित विभाग को कानूनी नोटिस भेजा गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सरकार का पक्ष और कोर्ट में दलील
हरियाणा सरकार की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि याचिकाकर्ता ने अभी तक संबंधित प्राधिकरण के समक्ष औपचारिक दावा प्रस्तुत नहीं किया है। हालांकि, सुनवाई के दौरान अदालत ने 8 जुलाई 2019 की अधिसूचना का भी हवाला दिया, जिसमें उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम पर स्पष्ट जिम्मेदारी तय की गई है।
बिजली हादसों पर निगम की जिम्मेदारी तय
अधिसूचना के अनुसार यदि किसी व्यक्ति की मौत या चोट बिजली नेटवर्क से जुड़े हादसे में होती है, तो संबंधित निगम पर मुआवजा देने की बाध्यता होती है, चाहे कारण कुछ भी हो।
6 सप्ताह में फैसला अनिवार्य
अदालत ने कहा कि चूंकि याचिकाकर्ता ने अपना पक्ष स्पष्ट रूप से रखा है, इसलिए अब संबंधित विभाग का कर्तव्य है कि वह नियमों के अनुसार दावे पर निर्णय ले। इसके साथ ही कोर्ट ने सरकार को छह सप्ताह के भीतर निर्णय लेने का सख्त निर्देश देकर याचिका का निपटारा कर दिया।
