उत्तराखंड में बारिश का कहर! मां-बेटे समेत 4 की मौत, आज 9 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की बारिश लगातार मुसीबत बढ़ा रही है। पौड़ी जिले के सतपुली में मंगलवार सुबह पहाड़ी से आया मलबा मकान पर गिर गया। हादसे में मां-बेटे और दो साल के बच्चे की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं, केदारनाथ पैदल मार्ग पर पत्थर गिरने से एक महिला तीर्थयात्री की जान चली गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। भारी बारिश और कम दृश्यता के कारण जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने वाली सात उड़ानों को भी दूसरे शहरों के हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। मौसम विभाग ने बुधवार को राज्य के नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।
प्रदेश में सोमवार रात से शुरू हुई तेज बारिश मंगलवार को भी जारी रही। टिहरी के नरेंद्रनगर में पिछले 24 घंटे में सबसे ज्यादा 265 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देहरादून में रातभर बारिश के बाद सुबह कोहरा छाया रहा और ठंडी हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में कई जगह नदी-नालों का जलस्तर भी बढ़ गया।
कहां कितनी बारिश हुई
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे में नरेंद्रनगर में 265 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई। इसके बाद काशीपुर में 170, जसपुर में 100, कोटद्वार में 89, यमकेश्वर में 75, जौलीग्रांट में 72.4, देहरादून में 70.6, मसूरी में 65.5 और कीर्तिनगर में 65 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
सोमवार रात हुई भारी बारिश के बाद मंगलवार को भी राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुककर बारिश होती रही। इससे कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन तथा पत्थर गिरने का खतरा बढ़ गया।
आज नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
मौसम निदेशक डॉ. सीएस तोमर के मुताबिक, बुधवार को भी उत्तराखंड के ज्यादातर हिस्सों में बारिश होने की संभावना है। देहरादून और बागेश्वर में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।
पौड़ी, चंपावत, टिहरी, हरिद्वार, पिथौरागढ़, नैनीताल और ऊधमसिंह नगर में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। देहरादून में मंगलवार सुबह कई इलाकों में कोहरा छाया रहा। ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई और अधिकतम तापमान 28.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से करीब एक डिग्री कम था।
केदारनाथ मार्ग पर पत्थर गिरने से महिला तीर्थयात्री की मौत
रुद्रप्रयाग में केदारनाथ पैदल मार्ग पर मंगलवार को पत्थर गिरने की चपेट में आने से एक महिला तीर्थयात्री की मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। बताया गया कि केदारनाथ जा रही महिला चीरबासा के पास पत्थर गिरने की चपेट में आ गई।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार के अनुसार, मृतका की पहचान 25 वर्षीय अंजली पत्नी सचिन, निवासी हैदरपुर, नई दिल्ली के रूप में हुई है। हादसे में कर्नाटक निवासी 34 वर्षीय शिदप्पा घायल हुए। उन्हें डीडीआरएफ की टीम ने गौरीकुंड चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उनका उपचार कराया गया।
सतपुली में मलबे की चपेट में आया परिवार
सतपुली क्षेत्र में मंगलवार सुबह बारिश के कारण पहाड़ी से आया मलबा मकान पर जा गिरा। द्वारीखाल ब्लॉक के महर गांव में हुए इस हादसे में मां-बेटे और दो साल के बच्चे की मौत हो गई।
सतपुली एसडीएम के मुताबिक, घटना के समय घर में एक अन्य महिला भी मौजूद थी, जिसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। जिला पंचायत सदस्य महेंद्र राणा ने बताया कि बच्चा अपनी नानी के घर आया हुआ था। प्रभावित परिवार के गांव में दो मकान अगल-बगल स्थित हैं। मंगलवार सुबह तीनों दूसरे मकान में गए थे, तभी मलबा आ गया।
जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने घटनास्थल पर पहुंचकर प्रभावित परिवार से मुलाकात की और घटना की जानकारी ली। बच्चे के पिता ने जिलाधिकारी को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराया।
मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख की राहत राशि
जिला प्रशासन ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजन को चार-चार लाख रुपये की राहत राशि दी है। इसके अलावा क्षतिग्रस्त भवन के लिए दो लाख रुपये की सहायता दी गई है। प्रशासन के अनुसार, कुल 14 लाख रुपये की राहत राशि प्रदान की गई है।
बुधवार को भी राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए प्रशासन और आपदा प्रबंधन तंत्र को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
जौलीग्रांट पहुंचने वाली सात उड़ानें डायवर्ट
भारी बारिश के बीच कम दृश्यता के कारण मंगलवार सुबह से दोपहर तक जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचने वाली सात उड़ानों को दूसरे हवाई अड्डों की ओर मोड़ना पड़ा। ये विमान जौलीग्रांट के बजाय अन्य शहरों के हवाई अड्डों पर उतरे।
दोपहर बाद मौसम साफ होने और दृश्यता में सुधार के बाद डायवर्ट की गई उड़ानों को जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर उतारा गया। उड़ानों के मार्ग बदलने से यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
