उत्तराखंड

उत्तराखंड में फिर बड़ी सौगात देने आ रहे पीएम मोदी, टिहरी में करेंगे एशिया के सबसे बड़े पीएसपी हाइड्रो प्रोजेक्ट का उद्घाटन

देहरादून/टिहरी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक बार फिर उत्तराखंड का दौरा करने वाले हैं, जहां वे राज्य को करीब 8 हजार करोड़ रुपये की बड़ी विकास परियोजना की सौगात दे सकते हैं। जानकारी के अनुसार प्रधानमंत्री इसी महीने टिहरी पहुंच सकते हैं, जहां वे टिहरी बांध से जुड़ी पंप स्टोरेज प्लांट (पीएसपी) परियोजना की चौथी यूनिट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।

इस उद्घाटन के साथ ही यह परियोजना एशिया की सबसे बड़ी पंप स्टोरेज हाइड्रो पावर परियोजना के रूप में दर्ज हो जाएगी।

टिहरी में होगा चौथी यूनिट का लोकार्पण

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी टिहरी में 250-250 मेगावाट क्षमता वाली चौथी यूनिट का उद्घाटन करेंगे। इससे पहले तीन यूनिटों का संचालन पहले ही शुरू हो चुका है और उन्हें केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर द्वारा पहले ही देश को समर्पित किया जा चुका है।

चौथी यूनिट के शुरू होने के बाद यह परियोजना पूरी तरह से संचालित हो जाएगी और इसे एशिया की सबसे बड़ी पीएसपी परियोजना का दर्जा मिलेगा।

डीएम ने किया तैयारियों का निरीक्षण

प्रधानमंत्री के संभावित दौरे को देखते हुए टिहरी जिलाधिकारी ने बुधवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। गुरुवार को डीएम खुद परियोजना स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करेंगे और परियोजना की प्रगति रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय को भेजी जाएगी।

प्रशासन स्तर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

पहले भी टल चुका है लोकार्पण कार्यक्रम

बताया जा रहा है कि इससे पहले दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के दौरान ही इस परियोजना के लोकार्पण की योजना थी और प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से इसका औपचारिक कार्यक्रम भी जारी किया गया था, लेकिन अंतिम समय पर यह कार्यक्रम स्थगित कर दिया गया था।

अब उम्मीद की जा रही है कि प्रधानमंत्री इसी महीने टिहरी पहुंचकर इस महत्वाकांक्षी परियोजना को देश को समर्पित करेंगे।

उत्तर भारत की बिजली जरूरतों को मिलेगा बड़ा सहारा

इस परियोजना के पूर्ण रूप से चालू होने के बाद उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत में बिजली आपूर्ति अधिक स्थिर और सशक्त होगी। इसके साथ ही यह परियोजना नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा देने और कार्बन उत्सर्जन को कम करने की दिशा में भी अहम भूमिका निभाएगी।

क्या है टिहरी पीएसपी परियोजना

टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड द्वारा विकसित इस पंप स्टोरेज प्लांट की कुल स्थापित क्षमता 1000 मेगावाट है। इसमें 250-250 मेगावाट की चार यूनिटें शामिल हैं।

पंप स्टोरेज तकनीक के तहत अतिरिक्त बिजली का उपयोग कर पानी को ऊंचाई पर स्थित जलाशय में पंप किया जाता है और जरूरत के समय उसी पानी से बिजली उत्पन्न की जाती है। यह तकनीक बिजली ग्रिड को संतुलित रखने और पीक डिमांड के समय अतिरिक्त आपूर्ति सुनिश्चित करने में बेहद प्रभावी मानी जाती है।