उत्तराखंड में फिर पेपर लीक का मामला! असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग तेज
देहरादून: उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (यूटीयू) की सेमेस्टर परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक होने का मामला सामने आने के बाद प्रदेश में सियासत तेज हो गई है। पुलिस ने इस मामले में एक असिस्टेंट प्रोफेसर को गिरफ्तार किया है। वहीं, विपक्षी कांग्रेस ने राज्य के शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग उठाई है और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित करने की मांग की है।
यूटीयू पेपर लीक मामले में असिस्टेंट प्रोफेसर गिरफ्तार
उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक मामले में देहरादून पुलिस ने असिस्टेंट प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी की उम्र 40 वर्ष है और वह मूल रूप से सहारनपुर का रहने वाला बताया जा रहा है। वह देहरादून के झाझरा स्थित एक निजी कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर तैनात था।
गिरफ्तारी से पहले ही विश्वविद्यालय प्रशासन आरोपी पर सात साल का प्रतिबंध लगा चुका था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर मामले में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है।
कांग्रेस ने सरकार पर साधा निशाना, मंत्री के इस्तीफे की मांग
यूटीयू पेपर लीक मामले को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एसआईटी के गठन की मांग की है। इसके साथ ही पार्टी ने शिक्षा मंत्री धन सिंह रावत के इस्तीफे की मांग भी उठाई है।
कांग्रेस का आरोप है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों से छात्रों के भविष्य पर असर पड़ रहा है और सरकार को इसकी जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।
दो विषयों की परीक्षाएं रद्द, अगस्त में दोबारा होगी परीक्षा
यूटीयू प्रशासन ने मामले की जांच के लिए गठित उच्चस्तरीय समिति की रिपोर्ट और सिफारिशों के आधार पर दो विषयों की सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं। इनमें मशीन लर्निंग फॉर इंटरनेट ऑफ थिंग्स और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी विषय शामिल हैं।
विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ. तृप्ता ठाकुर के अनुसार, इन दोनों विषयों की परीक्षाएं अगस्त के तीसरे सप्ताह में दोबारा आयोजित की जाएंगी।
3 जुलाई को साझा किए गए थे प्रश्न, जांच में हुआ खुलासा
पुलिस के अनुसार, यूटीयू के परीक्षा नियंत्रक डॉ. विनय कुमार पटेल की शिकायत पर यह मामला दर्ज किया गया। शिकायत में बताया गया कि 8 जुलाई को हुई सेमेस्टर परीक्षा को लेकर एक गोपनीय सूचना मिली थी।
विश्वविद्यालय की आंतरिक जांच में सामने आया कि आरोपी असिस्टेंट प्रोफेसर ने छात्रों को अनुचित लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से 3 जुलाई को ही कुछ महत्वपूर्ण प्रश्न पोर्टल और व्हाट्सएप ग्रुप पर साझा कर दिए थे। परीक्षा के बाद साझा किए गए प्रश्नों की असली प्रश्नपत्र से काफी समानता पाई गई।
पुलिस कर रही है आगे की जांच
देहरादून के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। गवाहों के बयान, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी आशीष कुमार गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है।
एसएसपी ने कहा कि आरोपी से पूछताछ जारी है और जांच के दौरान यदि किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
