झारखंड

JSSC-CGL ही नहीं, 3 और बड़े फैसले; छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने किया बड़ा ऐलान

रांची: झारखंड में जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर 24 दिन से चल रहे छात्रों के आंदोलन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने सोमवार को कई अहम फैसले किए। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की विशेष बैठक में जेएसएससी सीजीएल समेत टीडीपीएल द्वारा आयोजित सभी परीक्षाओं को रद्द करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार, छात्रों के हित में बनाए गए कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने और 14वीं जेपीएससी तथा बैकलॉग से जुड़े मामलों को सुलझाने की दिशा में कदम उठाने की बात कही है।

परीक्षा व्यवस्था में होगा व्यापक सुधार

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल मौजूदा विवाद को खत्म करना नहीं है, बल्कि ऐसी परीक्षा व्यवस्था तैयार करना है जो पारदर्शी, निष्पक्ष और भरोसेमंद हो। इसके लिए परीक्षा प्रक्रिया में सुधार को लेकर एक समिति गठित की जाएगी।

यह समिति विभिन्न आयोगों के कामकाज और प्रतियोगी परीक्षाओं की मौजूदा व्यवस्था का अध्ययन कर उसमें सुधार के सुझाव देगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘छात्रों की बात-छात्रों के साथ’ अभियान के दौरान भी बड़ी संख्या में छात्रों से सुझाव प्राप्त हुए हैं।

छात्र हित में बनाए गए सख्त कानून को लागू करने का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं और परीक्षार्थियों के हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार ने सख्त कानून बनाया है। उन्होंने कहा कि सरकार के पास इस कानून को प्रभावी तरीके से लागू करने की क्षमता भी है।

जेएसएससी सीजीएल परीक्षा से जुड़ी गड़बड़ियों की जांच एसआईटी और सीआईडी कर रही है। सरकार के मुताबिक जांच के दौरान कई तथ्य सामने आए हैं। अब जांच का दायरा वर्ष 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं तक बढ़ाया गया है।

14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षा पर भी फैसला

मुख्यमंत्री ने कहा कि 14वीं जेपीएससी और बैकलॉग परीक्षा से जुड़े मुद्दों को बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया है। सरकार इन मामलों को लेकर आगे की प्रक्रिया भी तय करेगी।

इसके अलावा जेपीएससी और जेएसएससी के कामकाज में सुधार के लिए विशेषज्ञ संस्थानों की राय लेने की दिशा में भी सरकार आगे बढ़ेगी। सरकार का लक्ष्य ऐसी परीक्षा प्रणाली तैयार करना है, जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता की गुंजाइश कम से कम हो।

2014 से अब तक की परीक्षाओं की जांच के संकेत

जेएसएससी सीजीएल विवाद की जांच का दायरा 2014 से अब तक आयोजित परीक्षाओं तक बढ़ाए जाने के बाद राज्य की परीक्षा व्यवस्था से जुड़े पुराने मामलों की भी जांच के दायरे में आने की संभावना है। सरकार ने कहा है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

छात्र लंबे समय से जेपीएससी और जेएसएससी की परीक्षाओं में पारदर्शिता और अनियमितताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। सोमवार को कैबिनेट के फैसले के बाद आंदोलन कर रहे छात्रों ने इसे अपनी मांगों की दिशा में बड़ी कामयाबी के तौर पर देखा।