उत्तराखंड

देहरादून में ऐतिहासिक झंडा मेला शुरू होने को तैयार, आज 94 फीट ऊंचे झंडेजी का होगा आरोहण

देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आस्था, परंपरा और सद्भाव का प्रतीक ऐतिहासिक झंडा मेला शनिवार से शुरू होने जा रहा है। श्री गुरु राम राय दरबार साहिब में 94 फीट ऊंचे झंडेजी के आरोहण के साथ इस भव्य मेले की शुरुआत होगी। इस पावन अवसर के साक्षी बनने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु दरबार साहिब पहुंच चुके हैं।

परंपरा के अनुसार पुराने झंडेजी को उतारने के बाद पूजा-अर्चना और गिलाफ चढ़ाने की दिनभर चलने वाली प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके बाद दोपहर दो बजे से शाम चार बजे के बीच दरबार साहिब के सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुआई में झंडेजी का आरोहण कराया जाएगा।

इस परिवार को मिलेगा दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य

इस वर्ष देहरादून के पार्क रोड निवासी व्यापारी अनिल कुमार गोयल के परिवार को दर्शनी गिलाफ चढ़ाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। पीपलमंडी में मै. पीतांबर दास एंड संस के नाम से उनकी 75 वर्ष पुरानी दुकान है। उन्होंने बताया कि परिवार की खुशहाली और समृद्धि की कामना के साथ पहले ही दर्शनी गिलाफ की बुकिंग कराई गई थी।

शनिवार शाम तक देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में संगत दरबार साहिब पहुंच चुकी है। परिसर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और ढोल-नगाड़ों की थाप पर भक्त गुरु महाराज की भक्ति में झूमते नजर आए।

रामनवमी तक चलेगा झंडा मेला

परंपरा के अनुसार होली के पांचवें दिन चैत्र मास की कृष्ण पंचमी को झंडेजी के आरोहण के साथ मेला शुरू होता है। इस वर्ष यह मेला 27 मार्च को रामनवमी तक चलेगा। धार्मिक आयोजनों की शुरुआत 25 फरवरी से ही हो चुकी है, जबकि 28 फरवरी से पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड समेत विभिन्न राज्यों से श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी है।

श्रद्धालुओं की मान्यता है कि दरबार साहिब में आकर की गई प्रार्थनाएं पूरी होती हैं, इसलिए वर्ष भर लोग इस अवसर का इंतजार करते हैं।

दरबार साहिब परिसर में गूंजे गुरु महाराज के जयकारे

मेला शुरू होने से पहले शनिवार रात तक दरबार साहिब परिसर में गुरु महाराज के जयकारों की गूंज सुनाई देती रही। श्रद्धालु गुरु महिमा के रंग में रंगे नजर आए। संगत ने श्री गुरु राम राय जी महाराज के शबद का सिमरन किया और भजन-कीर्तन के साथ ढोल की थाप पर नृत्य भी किया।

मेला अधिकारी विजय गुलाटी ने बताया कि झंडा मेले को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं।

ऐसे होगा झंडेजी आरोहण का कार्यक्रम

सुबह सात बजे विशेष पूजा के बाद पुराने झंडेजी को उतारने की प्रक्रिया शुरू होगी। इसके बाद नए ध्वजदंड को दूध, दही और गंगाजल से स्नान कराया जाएगा।

सुबह 10 बजे से सादे गिलाफ चढ़ाने का कार्यक्रम शुरू होगा, जबकि दोपहर एक बजे सनील के गिलाफ चढ़ाए जाएंगे। इसके बाद सज्जादानशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज संगत को आशीर्वाद देंगे और दर्शनी गिलाफ चढ़ाया जाएगा।

शाम चार से पांच बजे के बीच झंडेजी का आरोहण किया जाएगा, जिसके बाद श्रद्धालु गुरु महाराज का आशीर्वाद लेकर वापस जाएंगे।

तीसरे दिन निकलेगी नगर परिक्रमा

मेला अधिकारी के अनुसार झंडेजी के आरोहण के तीसरे दिन मंगलवार को सुबह साढ़े सात बजे दरबार साहिब से नगर परिक्रमा निकाली जाएगी। श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज की अगुआई में यह परिक्रमा शहर के विभिन्न क्षेत्रों से होते हुए दोपहर करीब 12 बजे वापस दरबार साहिब पहुंचेगी।

रोशनी और सजावट से जगमगाया दरबार साहिब

मेले को लेकर दरबार साहिब परिसर को विशेष रूप से सजाया गया है। द्वार और दीवारों पर प्राकृतिक रंगों से कलाकृतियां बनाई गई हैं। इसके साथ ही पूरे परिसर को झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया है, जिससे देर शाम पूरा परिसर दूधिया रोशनी में नहाया नजर आया।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए परिसर में 200 से अधिक दुकानें लगाई गई हैं। मेले का सीधा प्रसारण पांच एलईडी स्क्रीन के अलावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी किया जाएगा।

रक्तदान शिविर और स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध

मेले के दौरान श्रीमहंत इंदिरेश अस्पताल के चिकित्सकों की टीम श्रद्धालुओं की सेवा के लिए तैनात है और जरूरतमंदों को निशुल्क दवाएं दी जा रही हैं। किसी भी आपात स्थिति के लिए एंबुलेंस 24 घंटे उपलब्ध रहेगी।

इसके साथ ही छह से नौ मार्च तक आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में अब तक 150 यूनिट रक्त एकत्र किया जा चुका है। रक्तदान करने वालों को श्रीमहंत देवेंद्र दास महाराज ने आशीर्वाद और प्रमाणपत्र प्रदान किए।