देशभर के प्रदर्शनकारियों को कानूनी मदद देगी CJP, कपिल सिब्बल से संपर्क का दावा; सरकार को फिर आंदोलन की चेतावनी
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने देशभर में अपने प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराने का बड़ा ऐलान किया है। संगठन का दावा है कि आंदोलन के दौरान और उसके बाद प्रदर्शनकारियों के खिलाफ संभावित कार्रवाई को देखते हुए पहले से ही वरिष्ठ वकीलों के साथ समन्वय बनाया गया था। साथ ही, यदि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई नहीं हुई तो दोबारा आंदोलन शुरू करने की चेतावनी भी दी गई है।
कानूनी सलाह के लिए पहले से था संपर्क
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान CJP के प्रवक्ता सौरभ दास ने कहा कि संगठन लगातार वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल के संपर्क में था और कानूनी सलाह ले रहा था। उन्होंने कहा कि 25 जुलाई को आंदोलन समाप्त करने की घोषणा के समय ही आशंका थी कि बाद में अलग-अलग राज्यों में प्रदर्शनकारियों को व्यक्तिगत रूप से निशाना बनाया जा सकता है।
देशभर में वकीलों का बनाया गया नेटवर्क
सौरभ दास ने कहा कि इसी संभावना को देखते हुए शुरुआत से ही प्रदर्शनकारियों को कानूनी और चिकित्सीय सहायता उपलब्ध कराई गई। उन्होंने बताया कि विभिन्न राज्यों में वकीलों के साथ समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि किसी भी प्रदर्शनकारी को आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कानूनी सहायता मिल सके।
कई राज्यों में कार्रवाई पर जताई चिंता
CJP ने दावा किया कि असम, पश्चिम बंगाल और बिहार समेत कई राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई की खबरें सामने आई हैं। संगठन का कहना है कि इन राज्यों में उसकी टीमें स्थानीय वकीलों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, ताकि हिरासत में लिए गए लोगों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने आरोप लगाया कि केंद्रीय स्तर पर किए गए आश्वासनों का पालन नहीं किया जा रहा है। उनका कहना है कि विभिन्न राज्यों में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है और कई स्थानों पर छात्रों को हिरासत में लिए जाने तथा उन्हें परेशान किए जाने की घटनाएं सामने आई हैं।
मामले वापस लेने की मांग
संगठन ने मांग की कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी मामलों को वापस लिया जाए और हिरासत में लिए गए छात्रों को रिहा किया जाए। इसके साथ ही भविष्य में किसी भी प्रदर्शनकारी के खिलाफ नई कार्रवाई नहीं किए जाने की भी मांग रखी गई।
फिर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी
CJP ने कहा कि यदि सरकार निर्धारित समय के भीतर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कार्रवाई नहीं करती, तो संगठन दोबारा धरना-प्रदर्शन शुरू करेगा। संगठन का कहना है कि आगे की रणनीति सरकार के रुख के आधार पर तय की जाएगी।
