Sunday, April 26, 2026
Latest:
हरियाणा

CJI सूर्यकांत का बड़ा बयान: न्यायिक प्रक्रिया में AI की एंट्री होगी, लेकिन फैसले जज ही करेंगे; दीक्षांत समारोह में युवाओं को दिया सफलता का मंत्र

भिवानी। देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को लेकर बड़ा बयान देते हुए साफ किया है कि न्यायिक प्रणाली में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा, लेकिन अदालतों के फैसले केवल जज ही अपने विवेक से सुनाएंगे। वह शनिवार को चौधरी बंसी लाल विश्वविद्यालय के पांचवें दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे थे।

AI का होगा सीमित उपयोग, फैसलों में मानवीय विवेक रहेगा सर्वोपरि

मीडिया से बातचीत में मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि एआई के सकारात्मक और नकारात्मक दोनों पहलू हैं। ऐसे में न्यायिक प्रक्रिया को बेहतर बनाने के लिए इसका उपयोग किया जा रहा है, लेकिन निर्णय लेने का अधिकार केवल न्यायाधीशों के पास ही रहेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालतों के फैसले किसी भी स्थिति में एआई के भरोसे नहीं छोड़े जाएंगे।

ग्रामीण छात्रों को दिया सफलता का मंत्र

सीजेआई सूर्यकांत ने विश्वविद्यालय के छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले विद्यार्थियों के सामने शहरी छात्रों की तुलना में अधिक चुनौतियां होती हैं। बावजूद इसके यदि वे मेहनत, लगन और निष्ठा से काम करें तो सफलता जरूर हासिल कर सकते हैं।

408 विद्यार्थियों को डिग्रियां, बेटियों का रहा दबदबा

दीक्षांत समारोह में कुल 408 विद्यार्थियों को स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्रियां प्रदान की गईं, जिनमें 310 छात्राएं और 98 छात्र शामिल रहे। इसके अलावा 11 विद्यार्थियों को पीएचडी की उपाधि दी गई, जिनमें छह छात्राएं और पांच छात्र थे। समारोह में 36 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया गया, जिनमें 31 बेटियां शामिल रहीं।

राज्यपाल ने युवाओं को दी जीवन की असली परीक्षा की सीख

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे राज्यपाल असीम कुमार घोष ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि डिग्री प्राप्त करने के बाद असली परीक्षा जीवन के मैदान में शुरू होती है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों से जुड़े रहने और देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

नई तकनीक के साथ नैतिक मूल्यों पर भी जोर

समारोह में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा भी मौजूद रहे। इस दौरान छात्रों को आधुनिक तकनीक, खासकर एआई के सकारात्मक उपयोग के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की भी सीख दी गई। वक्ताओं ने कहा कि ज्ञान और संस्कार का संतुलन ही समाज और राष्ट्र निर्माण की असली ताकत है।