तंत्र-मंत्र के नाम पर मासूम की मौत का मामला गरमाया! सीसीटीवी जब्त, दादी-फूफा को बंधक बनाने के आरोप, ‘मजिस्ट्रेट’ लिखी गाड़ी भी जांच के घेरे में
काशीपुर: उत्तराखंड के काशीपुर स्थित जंगलवाला बालाजी धाम में छह वर्षीय मासूम अर्पित की मौत के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है। तंत्र-मंत्र और कथित संदिग्ध इंजेक्शन से मौत के आरोपों के बीच उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस अपने-अपने स्तर पर कार्रवाई कर रही है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने धाम में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
आइटीआई कोतवाली पुलिस के अनुसार शुरुआती फुटेज में मासूम अर्पित और उसकी दादी धाम में प्रवेश करते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस अब पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है और पीड़ित पक्ष से भी विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की जांच शुरू
प्रभारी निरीक्षक मोहन चंद्र पांडे ने बताया कि जंगलवाला बालाजी धाम में लगे सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर जब्त कर लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि पीड़ित पक्ष काशीपुर पहुंच चुका है और उनसे विस्तृत जानकारी ली जा रही है।
इलाज के नाम पर इंजेक्शन लगाने का आरोप
जानकारी के अनुसार उत्तर प्रदेश के संभल जिले के बैरनी गांव निवासी सुगर सिंह का छह वर्षीय बेटा अर्पित गले की गांठ की समस्या से पीड़ित था। 27 जुलाई को उसकी दादी वीरवती उसे काशीपुर स्थित बालाजी धाम लेकर आई थीं।
परिजनों का आरोप है कि मंगलवार सुबह धाम के महंत ने इलाज के नाम पर बच्चे को एक संदिग्ध इंजेक्शन लगाया, जिसके बाद उसे उल्टी हुई और सुबह करीब 10 बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद दादी और फूफा को धाम परिसर में बंधक बनाकर रखा गया।
आक्रोशित परिजनों ने किया हंगामा
बंधक बनाए जाने की सूचना मिलने के बाद परिजन और ग्रामीण कई वाहनों से काशीपुर पहुंचे। आरोप है कि गुस्साए लोगों ने धाम में तोड़फोड़ की, महंत सत्यवीर सिंह और सेवादारों के साथ मारपीट की तथा महंत समेत उसके सहयोगियों को पकड़कर संभल ले गए।
बताया जा रहा है कि घटनास्थल पर पहुंची गाड़ियों में से एक पर ‘मजिस्ट्रेट’ लिखा हुआ था और उस पर हूटर भी लगा हुआ देखा गया। पुलिस इस पहलू की भी जांच कर रही है।
दो राज्यों की पुलिस अलग-अलग पहलुओं की कर रही जांच
मामले में संभल में मासूम के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और विसरा सुरक्षित रखा गया है। वहां पुलिस आरोपी महंत सत्यवीर सिंह और उसके सहयोगी से पूछताछ कर रही है।
वहीं, काशीपुर पुलिस घटनास्थल पर हुई तोड़फोड़, मारपीट, कथित फर्जी ‘मजिस्ट्रेट’ लिखी गाड़ी के इस्तेमाल और पूरे घटनाक्रम की अलग-अलग कड़ियों की जांच कर रही है।
लिखित शिकायत के आधार पर होगी आगे की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार पीड़ित पक्ष की लिखित शिकायत मिलने के बाद मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल संभल पुलिस पोस्टमार्टम और विसरा रिपोर्ट का इंतजार कर रही है ताकि मौत के सटीक कारणों का पता लगाया जा सके। दूसरी ओर काशीपुर पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
