Thursday, April 23, 2026
झारखंड

झारखंड में स्वास्थ्य सुरक्षा की बड़ी पहल: कर्मचारियों को देशभर में कैशलेस इलाज की सुविधा, सोरेन सरकार ने किया अहम एमओयू

रांची। झारखंड सरकार ने स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा कदम उठाते हुए राज्य कर्मी स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत नई बीमा अवधि के लिए महत्वपूर्ण समझौता किया है। इस नई व्यवस्था के लागू होने के बाद राज्य के कर्मचारियों और उनके आश्रितों को देशभर के प्रमुख और सुपर स्पेशलिटी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की सुविधा मिल सकेगी। सरकार का दावा है कि इससे इलाज न केवल सुलभ होगा बल्कि पारदर्शिता और गुणवत्ता भी सुनिश्चित होगी।

देशभर के 600 अस्पतालों में मिलेगा इलाज, बड़े शहरों के संस्थान शामिल

नई व्यवस्था के तहत राज्य के करीब 200 अस्पतालों के साथ-साथ देशभर के लगभग 600 अस्पतालों को इस योजना से जोड़ा गया है। इनमें वेल्लोर, चेन्नई, दिल्ली, हैदराबाद और बेंगलुरु के प्रमुख चिकित्सा संस्थान भी शामिल हैं। सीजीएससी दरों पर इलाज उपलब्ध होने से कर्मचारियों पर चिकित्सा खर्च का बोझ कम पड़ेगा और बेहतर उपचार तक उनकी पहुंच आसान होगी।

ओपीडी से लेकर यात्रा भत्ता तक, कई सुविधाएं होंगी शामिल

इस स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत ओपीडी सेवाएं, फॉलोअप, दवा खर्च, यात्रा भत्ता, आयुष उपचार, मेडिकल एडवांस और जरूरत पड़ने पर रिवॉल्विंग फंड जैसी सुविधाएं भी दी जाएंगी। वर्तमान में करीब 2 लाख कर्मचारी और उनके परिवार इस योजना से जुड़े हैं, जिससे कुल लाभार्थियों की संख्या 7 लाख से अधिक हो गई है। पिछले वर्ष इस योजना के तहत 10,257 मरीजों का इलाज किया गया, जिस पर लगभग 51 करोड़ रुपये खर्च हुए।

गंभीर बीमारी में आर्थिक संकट से राहत देने की पहल

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने इस मौके पर कहा कि यह योजना राज्य कर्मचारियों की स्वास्थ्य सुरक्षा का मजबूत संकल्प है। उन्होंने बताया कि सीमित आय के कारण कई बार कर्मचारी गंभीर बीमारी के समय आर्थिक संकट का सामना करते हैं, ऐसे में यह नई व्यवस्था उन्हें बड़ी राहत देगी। उन्होंने कहा कि इसमें अनलिमिटेड कैशलेस सुविधा, बड़े अस्पतालों की भागीदारी और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की गई है।

झारखंड में सभी कर्मचारियों को मिलेगा हेल्थ कार्ड

सरकार के अनुसार, झारखंड देश का पहला राज्य बनने जा रहा है जहां सभी कर्मचारियों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे उनके पूरे परिवार को लाभ मिलेगा। इससे इलाज की प्रक्रिया और भी आसान और तेज हो सकेगी।

योजना का दायरा बढ़ा, कई वर्गों को किया शामिल

सरकार ने इस योजना का दायरा बढ़ाते हुए अधिवक्ताओं, आईएएस और आईपीएस अधिकारियों, पूर्व विधायकों और पूर्व सांसदों को भी इसमें शामिल किया है। वहीं आम जनता के लिए ‘अबुआ कार्ड’ योजना के तहत स्वास्थ्य बीमा कवर को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 15 लाख रुपये कर दिया गया है।

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने पर जोर

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि राज्य में मेडिकल कॉलेजों का विस्तार, मेडिको सिटी की स्थापना, मेडिकल सीटों में वृद्धि और बड़े प्रोजेक्ट्स पर तेजी से काम किया जा रहा है, ताकि भविष्य में लोगों को इलाज के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। यह योजना न केवल कर्मचारियों के इलाज को आसान बनाएगी, बल्कि उनके आर्थिक बोझ को भी कम करेगी और प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूती देगी।