बिहार

4000 करोड़ की रेल परियोजना की पहली बारिश में खुली पोल, पुल की कैपलिंग में दरार और बह गई मिट्टी; हादसे का खतरा

अररिया: बिहार के अररिया जिले में करीब 4,410 करोड़ रुपये की लागत से बनी अररिया-गलगलिया नई रेल लाइन की निर्माण गुणवत्ता पर पहली ही बारिश ने सवाल खड़े कर दिए हैं। अररिया-कटिहार रेलखंड के तहत अररिया-गलगलिया रेलखंड पर अररिया कोर्ट के हृदयपुर वार्ड संख्या 7 स्थित बीआर-5 पुल के पास मिट्टी का कटाव हुआ है। पुल के एंबैंकमेंट और सपोर्टर से मिट्टी बहने के कारण पटरी से महज दो हाथ की दूरी पर गहरे रेन कट बन गए हैं। वहीं पुल की कैपलिंग में भी दरारें दिखाई दी हैं। पटरी के नीचे और आसपास मिट्टी खिसकने से स्थानीय लोगों में बड़े रेल हादसे की आशंका बढ़ गई है।

पहली बारिश में ही निर्माण पर उठे सवाल

स्थानीय निवासियों अमित शाह और भूपेन यादव का कहना है कि महज एक साल के भीतर पुल की कैपलिंग में दरारें आना और मिट्टी का बह जाना निर्माण में कमी की ओर इशारा करता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो ट्रेन के गुजरने के दौरान ढांचा धंसने का खतरा हो सकता है।

वार्ड संख्या 7 के पार्षद श्याम कुमार मंडल ने भी रेलवे प्रशासन से तत्काल मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि पटरी से केवल दो हाथ की दूरी पर बने इतने बड़े रेन कट गंभीर हादसे का कारण बन सकते हैं।

मिट्टी कटने से पुल और पटरी की मजबूती पर खतरा

निर्माण कार्य से जुड़े तकनीकी जानकारों के अनुसार, रेल पुल के एंबैंकमेंट या सपोर्टर के पास से मिट्टी का कटाव होने पर ढांचे की भार सहने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। मिट्टी हटने से पुल के सपोर्टर पर असमान दबाव पड़ने की स्थिति बन सकती है, जिससे कैपलिंग पर भी असर पड़ने की आशंका रहती है।

वहीं रेन कट के कारण ट्रैक के नीचे की मिट्टी कमजोर होने पर ट्रेन की गति और कंपन से पटरी के अचानक नीचे धंसने का खतरा पैदा हो सकता है।

सॉयल टेस्टिंग और कंपैक्शन पर भी उठे सवाल

स्थानीय लोगों ने कहा कि रेल लाइन शुरू होने के महज एक साल के भीतर सामान्य बारिश में इस तरह मिट्टी का कटाव होना निर्माण प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने सॉयल टेस्टिंग और कंपैक्शन में लापरवाही की आशंका जताई है।

लोगों ने अररिया-गलगलिया रेलखंड के सभी पुलों और एंबैंकमेंट का सुरक्षा ऑडिट कराने की मांग की है। इसके साथ ही घटिया निर्माण के लिए जिम्मेदार ठेकेदारों और दोषी रेल अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई तथा खानापूर्ति के बजाय कंक्रीट और रोड़ी से स्थायी व मजबूत एंबैंकमेंट बनाने की मांग की गई है।

रेलवे ने जल्द निरीक्षण और मरम्मत का दिया भरोसा

अररिया-कटिहार रेलखंड के डीएसीएम अनूप सिंह ने बताया कि उन्हें मामले की जानकारी मिली है। उन्होंने कहा कि जल्द ही प्रभावित स्थल का निरीक्षण कराया जाएगा और इसके बाद मरम्मत का काम शुरू कर दिया जाएगा।