बिहार

मदरसे में समोसा-मिठाई खाने के बाद 10 साल की छात्रा की मौत, तीन सहेलियां बीमार; मां ने लगाया हत्या का गंभीर आरोप

सुपौल: बिहार के सुपौल जिले के बसबिट्टी वार्ड-19 स्थित एक निजी मदरसे में मंगलवार सुबह 10 साल की छात्रा की मौत से सनसनी फैल गई। छात्रा ने सोमवार को मां के दिए समोसे और मिठाई खाए थे। इसके बाद उसकी तीन सहेलियों की तबीयत भी बिगड़ गई। सभी छात्राओं को अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान अल्फिशा की मौत हो गई। मृतका की मां साजदा खातून ने बेटी को जहर खिलाने या फंदा लगाकर हत्या किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है।

समोसा-मिठाई खाने के बाद बिगड़ी चारों छात्राओं की तबीयत

मृत छात्रा की पहचान नेमुआ निवासी कमरे आलम की 10 वर्षीय बेटी अल्फिशा के रूप में हुई है। मदरसा संचालक खलील रहमान के मुताबिक, अल्फिशा की मां सोमवार को अपनी बेटी से मिलने मदरसे पहुंची थीं। उन्होंने बेटी को मिठाई और समोसा दिया था। अल्फिशा ने खुद खाने के साथ अपनी सहेलियों आफिया, सहाना खातून और हलीमा सादिया को भी समोसा-मिठाई दी।

इसके कुछ समय बाद चारों छात्राओं की तबीयत बिगड़ने लगी। मंगलवार सुबह करीब आठ बजे उन्हें निजी क्लीनिक ले जाया गया। इलाज के दौरान अल्फिशा की मौत हो गई, जबकि बाकी छात्राओं का अलग-अलग अस्पतालों में उपचार चल रहा है। निजी क्लीनिक के डॉक्टरों ने भर्ती छात्राओं में भोजन विषाक्तता जैसे लक्षण बताए हैं।

मां का आरोप- बेटी को जहर दिया या फंदे से मार डाला

अल्फिशा की मां साजदा खातून ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब छह बजे मदरसे से फोन आया था कि उनकी बेटी को उल्टी हुई है और वह बेहोश है। सूचना मिलते ही वह मदरसे पहुंचीं, जहां बेटी बेहोशी की हालत में मिली।

मां ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी को जहर खिलाकर मारा गया है या फिर फंदा लगाकर उसकी हत्या की गई है। हालांकि, पुलिस जांच के बाद ही छात्रा की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की बात कह रही है। मृतका के परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया है।

मदरसे में बड़ी संख्या में छात्राएं रहती हैं, दस्तावेजों की जांच शुरू

घटना की जानकारी मिलते ही सदर एसडीएम मनोहर कुमार साह, एसडीपीओ और थाना प्रभारी मदरसे पहुंचे। एसडीएम के मुताबिक, यहां बड़ी संख्या में छात्राएं आवासीय रूप से रह रही हैं। एक छात्रा की मौत हुई है, जबकि दो-तीन अन्य छात्राओं के विभिन्न अस्पतालों में इलाज कराने की जानकारी मिली है। प्रशासन उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रख रहा है।

जिला शिक्षा कार्यालय की टीम ने मदरसे के दस्तावेजों की जांच शुरू कर दी है। यह भी देखा जा रहा है कि संस्था को छात्राओं को आवासीय रूप से रखने की अनुमति मिली है या नहीं और उनके आवासीय संचालन से संबंधित निर्धारित नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं। जिलाधिकारी सावन कुमार के निर्देश पर जिला शिक्षा कार्यालय की टीम ने मदरसे पहुंचकर संस्था के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं, छात्राओं के रहने की व्यवस्था और संबंधित दस्तावेजों की जानकारी जुटाई।

मदरसे में छात्रा की मौत से शिक्षण संस्थानों की सुरक्षा पर सवाल

घटना के बाद सुपौल जिले में संचालित निजी शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। दो दिनों के भीतर जिले में दो होनहार बच्चों की मौत की घटनाओं ने अभिभावकों और आम लोगों को झकझोर दिया है। रविवार को एक निजी स्कूल के छात्रावास में रहने वाले छात्र प्रियांशु की मौत की घटना के बाद अब मदरसे में छात्रा की मौत और तीन अन्य के बीमार होने से चिंता बढ़ गई है।

घटना के बाद सदर एसडीपीओ ने मदरसा प्रबंधन से पूछताछ की। पुलिस छात्राओं की तबीयत बिगड़ने की वजह, खाने की गुणवत्ता और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। प्रशासन और शिक्षा विभाग की टीम संस्था के संचालन से जुड़े रिकॉर्ड भी खंगाल रही है।

जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी मौत की असली वजह

एसपी शरथ आरएस ने बताया कि पुलिस को बसबिट्टी स्थित मदरसे में पढ़ने वाली एक बच्ची की मौत की सूचना मिली थी। एक अन्य बच्ची के गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी मिली, जबकि दो-तीन अन्य बच्चों के भी अस्पताल में इलाज कराने की सूचना है।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती तौर पर मामला भोजन विषाक्तता का प्रतीत हो रहा है। हालांकि, डॉक्टरों से बातचीत, जांच और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही छात्राओं की तबीयत बिगड़ने और अल्फिशा की मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट उपलब्ध होने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।