उत्तराखंड

देहरादून के लोगों के लिए बड़ी राहत, 22 पीएचसी में जल्द मिलेगा 5 लाख तक मुफ्त इलाज

देहरादून। उत्तराखंड के देहरादून जिले में आयुष्मान कार्डधारकों के लिए बड़ी राहत की तैयारी है। ग्रामीण और पहाड़ी क्षेत्रों के लोगों को इलाज के लिए दूर बड़े अस्पतालों का रुख न करना पड़े, इसके लिए जिले के 22 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को आयुष्मान भारत योजना से जोड़ने की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। इन केंद्रों के आयुष्मान योजना से जुड़ने के बाद पात्र लोगों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।

पांच दिन में पूरी करनी होगी प्रक्रिया

शासन और स्वास्थ्य महानिदेशालय की सख्ती के बाद देहरादून के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. मनोज शर्मा ने सभी चिकित्सा अधीक्षकों और संबंधित प्रभारियों को पांच दिन के भीतर आयुष्मान योजना के तहत इन पीएचसी का इम्पैनलमेंट पूरा करने के निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को साफ कहा गया है कि प्रक्रिया में किसी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

फिलहाल ये सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध नहीं हैं। इसके चलते आयुष्मान कार्डधारकों को इन केंद्रों पर योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। कई जगह भर्ती और उपचार की पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण मरीजों को बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता है।

पांच लाख रुपये तक मिलेगा मुफ्त इलाज

आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है। इन 22 पीएचसी के योजना से जुड़ने के बाद ग्रामीण और पहाड़ी इलाकों में रहने वाले कार्डधारकों को स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य सेवाएं मिलने की उम्मीद है।

देहरादून की इन 22 पीएचसी में मिलेगी सुविधा

सहसपुर: भगवंतपुर

डोईवाला: भानियावाला, छिद्दरवाला, गुमानीवाला

रायपुर: सरोना, रानीपोखरी

विकासनगर: कटापत्थर, कोटी ढलानी, रुद्रपुर, डाकपत्थर

चकराता: बुलहाड़, मेहरावना, भटाड़, बरोथा, खाबू, कोटी कनासर

कालसी: कालसी, टाइप-ए लखवाड़, टाइप-ए कमला, टाइप-ए पिंगिरी, टाइप-ए बिरमौ, टाइप-ए मुंढान

पीएचसी में भर्ती और छोटे ऑपरेशन की सुविधा

सीएमओ के मुताबिक, इन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में ओपीडी के साथ एक से चार बेड तक की व्यवस्था है। यहां डॉक्टर, फार्मासिस्ट, वार्ड ब्वॉय और सफाई कर्मचारियों की तैनाती भी है। आयुष्मान योजना से जुड़ने के बाद जरूरत के मुताबिक मरीजों को भर्ती किया जा सकेगा।

इसके अलावा सामान्य उपचार के साथ माइनर ऑपरेशन की जरूरत वाले मरीजों को भी इन स्वास्थ्य केंद्रों पर भर्ती कर इलाज देने की सुविधा विकसित की जा सकेगी। इससे दूरदराज के इलाकों में रहने वाले लोगों को छोटी स्वास्थ्य समस्याओं के लिए बड़े अस्पतालों तक जाने की जरूरत कम हो सकती है।