उत्तराखंड

उत्तराखंड में रिजल्ट की गड़बड़ी पर भड़के छात्र, सड़कों पर उतरी Gen-Z; आमरण अनशन पर छात्र नेता

देहरादून: उत्तराखंड के कॉलेज परिसरों में विश्वविद्यालय परीक्षा परिणामों में कथित गड़बड़ियों को लेकर छात्र आंदोलन तेज हो गया है। श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय के रिजल्ट को लेकर गढ़वाल के कई कॉलेजों में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अगस्त्यमुनि में छात्रसंघ अध्यक्ष आमरण अनशन पर बैठे हैं, जबकि उत्तरकाशी में छात्रों ने प्रदर्शन कर कुलपति का पुतला फूंका। देहरादून में भी छात्रों ने प्राचार्यों से शिकायत कर परिणामों में सामने आई समस्याओं का जवाब और समाधान मांगा है।

श्रीदेव सुमन उत्तराखंड विश्वविद्यालय से संबद्ध कई कॉलेजों के छात्रों का आरोप है कि परीक्षा देने के बावजूद उनके परिणाम में अनुपस्थित या बैक दर्ज कर दिया गया। कुछ विद्यार्थियों का कहना है कि उनके आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षा के अंक परिणाम में दर्ज नहीं किए गए। वहीं कुछ छात्रों के परिणाम पोर्टल से गायब होने की शिकायत भी सामने आई है। कुछ विद्यार्थियों ने बिना उत्तर पुस्तिकाएं जांचे अंक दिए जाने का आरोप लगाया है।

छात्रों ने परिणामों की दोबारा जांच कराने और उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन करने की मांग की है।

अगस्त्यमुनि में तीसरे दिन भी जारी रहा आमरण अनशन

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, अगस्त्यमुनि में छात्रसंघ अध्यक्ष प्रियांशु मोहन का आमरण अनशन तीसरे दिन भी जारी रहा। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत बिगड़ने लगी। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कॉलेज पहुंचकर उनकी जांच की।

जांच में उनका शुगर स्तर सामान्य से थोड़ा कम पाया गया, जबकि रक्तचाप सामान्य रहा। चिकित्सकों ने शरीर में पानी की कमी के कारण पेशाब संबंधी परेशानी की जानकारी दी और नियमित स्वास्थ्य निगरानी की सलाह दी।

प्रियांशु मोहन ने कहा कि जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका अनशन जारी रहेगा। इस दौरान छात्र नेता गणेश गोस्वामी, पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष हिमांशु भट्ट, मानसी, रवीना, प्राची और प्राचार्य प्रो. कैलाश चंद्र दूदपुरी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।

उत्तरकाशी में छात्रों ने फूंका कुलपति का पुतला

राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय उत्तरकाशी में बीए, बीएससी और बीकॉम के छात्रों ने परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रदर्शन किया। छात्रों का कहना है कि परीक्षा देने के बावजूद कई विद्यार्थियों को परिणाम में अनुपस्थित या बैक दिखाया गया है।

छात्रों के मुताबिक, समर्थ पोर्टल पर पहले दिखाई दे रहे कुछ अंक और परिणाम बाद में गायब हो गए। इसे लेकर छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन से परिणामों की दोबारा जांच और गड़बड़ियों को ठीक करने की मांग की है।

पांच प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन

छात्रों की मांग है कि परीक्षा परिणामों में दर्ज कथित गड़बड़ियों की जांच कराई जाए। उत्तर पुस्तिकाओं का सत्यापन किया जाए और परीक्षा देने वाले छात्रों को गलत तरीके से अनुपस्थित या बैक दिखाए जाने की समस्या दूर की जाए।

छात्रों का कहना है कि आंतरिक और प्रायोगिक परीक्षाओं के अंक भी सही तरीके से परिणाम में दर्ज किए जाएं। इसके अलावा पोर्टल से गायब हुए परिणाम और अंकों को भी दोबारा उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है।