बिहार

दुबई में फंसे बिहार के 7 युवक, पासपोर्ट भी रखे गए; नौकरी के नाम पर डेढ़-डेढ़ लाख लेकर भेजने का आरोप

पूर्णिया: बिहार के पूर्णिया और किशनगंज जिले के सात युवक दुबई में फंसे होने का दावा कर रहे हैं। युवकों का आरोप है कि उन्हें नौकरी दिलाने के नाम पर दुबई ले जाया गया, लेकिन वहां रोजगार नहीं मिला और उनके पासपोर्ट भी रख लिए गए। युवकों ने रिहाई के लिए मदद की गुहार लगाई है। इनमें पूर्णिया के रौटा थाना क्षेत्र के तीन और किशनगंज के कोचाधामन के चार युवक बताए जा रहे हैं।

जानकारी के मुताबिक, युवकों को एक एजेंट के माध्यम से रोजगार के लिए दुबई ले जाया गया था। बताया जा रहा है कि उन्हें पर्यटन वीजा पर दुबई भेजा गया। वहां पहुंचने के बाद उन्हें नौकरी नहीं मिली और कथित तौर पर उनके पासपोर्ट भी अपने पास रख लिए गए। कोचाधामन के पूर्व विधायक मास्टर मुजाहिद से इन युवकों ने वीडियो कॉल के जरिए अपनी आपबीती बताई। पूर्व विधायक ने एक वीडियो जारी कर कहा कि युवकों को वापस लाने के प्रयास किए जा रहे हैं।

वीडियो में रोते हुए सुनाई आपबीती

दुबई में फंसे युवकों का एक वीडियो सामने आया है। इसमें युवक अपनी परेशानी बताते हुए नजर आ रहे हैं। उनका कहना है कि उन्हें जमीन पर सोना पड़ रहा है और वहां उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। एक युवक हाथ जोड़कर मदद की गुहार लगाते हुए कहता है कि उसे काम नहीं मिला और उसे वहां से आजाद कराया जाए।

वीडियो में युवक काफी परेशान और रोते हुए दिखाई दे रहे हैं। उनका कहना है कि वे बड़ी मुसीबत में फंस गए हैं और उन्हें किसी तरह वहां से निकाला जाए।

डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लेने का दावा

कुछ मीडिया रिपोर्ट में दुबई में फंसे युवकों में दिलफरोज आलम, नासिर आलम और रब्बान समेत अन्य युवकों के नाम बताए गए हैं। युवकों के मुताबिक, वे 5 अगस्त को दुबई पहुंचे थे। उनका दावा है कि वहां उन्हें खाना तक नहीं दिया जा रहा और उन्हें सड़कों पर रात गुजारने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।

युवकों ने आरोप लगाया कि एक एजेंट ने मोजा की फैक्ट्री में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर उनसे करीब डेढ़-डेढ़ लाख रुपये लिए थे। उनका कहना है कि दुबई पहुंचने के बाद नौकरी नहीं मिली और वे वहां फंस गए। युवकों का यह भी आरोप है कि एजेंट अब उन्हें धमकी दे रहा है।

युवकों ने पूर्व विधायक को बताया कि शुरुआत में वे घर से साथ लेकर गए पैसों से अपना खर्च चला रहे थे, लेकिन अब उनके पास पैसे भी खत्म हो चुके हैं।

पासपोर्ट रखने और मारपीट का भी आरोप

युवकों का दावा है कि जिस कंपनी में नौकरी दिलाने का भरोसा दिया गया था, उसी कंपनी के लोगों ने उनके पासपोर्ट अपने पास रख लिए। युवकों ने उनके साथ मारपीट किए जाने का आरोप भी लगाया है।

युवकों ने एक एजेंट का नाम नाहिद गनी बताया है। उनका कहना है कि नाहिद गनी ने ही उन्हें नौकरी के लिए दुबई भेजा था। फिलहाल सभी युवक मदद और सुरक्षित रिहाई की गुहार लगा रहे हैं।