उत्तराखंड

चारधाम यात्रा पर फिर लगा ब्रेक! केदारनाथ पैदल मार्ग पर भारी मलबा गिरा, दो दिन बाद शुरू हुई यात्रा दोबारा रोकी गई

रुद्रप्रयाग: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश और भूस्खलन ने एक बार फिर चारधाम यात्रा की रफ्तार थाम दी है। दो दिन तक स्थगित रहने के बाद गुरुवार सुबह दोबारा शुरू हुई यात्रा को कुछ ही घंटों बाद फिर रोकना पड़ा। केदारघाटी में मूसलाधार बारिश के चलते केदारनाथ पैदल मार्ग पर कई स्थानों पर भारी मलबा और बोल्डर आने से रास्ता बंद हो गया, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन यात्रा आंशिक रूप से रोक दी।

गुरुवार सुबह विभिन्न पड़ावों से श्रद्धालुओं को चारधाम के लिए रवाना किया गया था, लेकिन मौसम खराब होने और लगातार भूस्खलन के कारण हालात फिर बिगड़ गए। रुद्रप्रयाग में गौरीकुंड-केदारनाथ मार्ग और उत्तरकाशी में यमुनोत्री राजमार्ग कई स्थानों पर भूस्खलन से प्रभावित हैं, जिससे आवाजाही में दिक्कत बनी हुई है।

केदारनाथ पैदल मार्ग पर मलबा और बोल्डर से रास्ता बंद

जिला प्रशासन के अनुसार राष्ट्रीय राजमार्ग-107 के मुनकटिया क्षेत्र और गौरीकुंड से आगे श्री केदारनाथ पैदल यात्रा मार्ग पर दो से तीन स्थानों पर भारी मलबा और पत्थर गिरने से मार्ग अवरुद्ध हो गया। यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए केदारनाथ यात्रा को एहतियातन आंशिक रूप से रोक दिया गया है।

अलकनंदा और मंदाकिनी चेतावनी स्तर से ऊपर

लगातार बारिश के बीच गुरुवार सुबह अलकनंदा और मंदाकिनी नदियों का जलस्तर चेतावनी स्तर से ऊपर दर्ज किया गया। जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार सुबह 7 बजे अलकनंदा नदी का जलस्तर 626.89 मीटर रिकॉर्ड किया गया, जबकि चेतावनी स्तर 626.00 मीटर और खतरे का निशान 627.00 मीटर है।

वहीं मंदाकिनी नदी का जलस्तर 625.90 मीटर दर्ज किया गया, जो 625.00 मीटर के चेतावनी स्तर से ऊपर है। हालांकि गंगानगर और गौरीकुंड क्षेत्र में नदी का जलस्तर अभी चेतावनी स्तर से नीचे बना हुआ है।

बारिश से कई सड़कें भी बंद

मौसम विभाग के अनुसार जिले में बादल और कोहरा छाया हुआ है। बीते 24 घंटों में जखोली में सबसे अधिक 54.00 मिमी, ऊखीमठ में 38.20 मिमी और रुद्रप्रयाग में 4.00 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

बारिश और भूस्खलन के कारण जिले में सड़क संपर्क भी प्रभावित हुआ है। वर्तमान में तीन राष्ट्रीय राजमार्ग, तीन राज्य मार्ग, लोक निर्माण विभाग की 10 सड़कें, पीएमजीएसवाई की 13 सड़कें और एनपीसीसी की दो सड़कें बंद हैं।

प्रशासन ने जारी की सुरक्षा सलाह

जिला प्रशासन ने लोगों और यात्रियों से नदी किनारों से दूर रहने, मौसम और सड़क की ताजा स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही यात्रा करने तथा अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। साथ ही किसी भी आपदा, दुर्घटना या मार्ग अवरुद्ध होने की सूचना तत्काल जिला आपातकालीन परिचालन केंद्र को देने के लिए कहा गया है।

रामपुर बाजार का स्लाइडिंग जोन फिर बना चिंता का कारण

फाटा-गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग पर रामपुर बाजार के समीप स्थित संवेदनशील स्लाइडिंग जोन एक बार फिर सक्रिय हो गया है। यहां सुरक्षा दीवार और सड़क के बीच दोबारा भू-धंसाव होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।

स्थानीय व्यापारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या के स्थायी समाधान के बजाय केवल अस्थायी मरम्मत की जा रही है। उनका कहना है कि बार-बार सरकारी धन खर्च होने के बावजूद स्लाइडिंग जोन का वैज्ञानिक तरीके से उपचार नहीं किया जा रहा है।