Tuesday, July 28, 2026
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उत्तर भारत में बारिश का रेड अलर्ट! चंडीगढ़-पंजाब में मौसम का कहर, हिमाचल में 250 से ज्यादा सड़कें बंद, मोरनी में भूस्खलन का खतरा

चंडीगढ़: उत्तर भारत में मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है। चंडीगढ़ और पंजाब में इस सीजन का पहली बार रेड अलर्ट जारी किया गया है, जबकि हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। राज्य में 250 से अधिक सड़कें बंद हो चुकी हैं। वहीं हरियाणा के मोरनी क्षेत्र में भूस्खलन का खतरा बढ़ने के बाद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।

चंडीगढ़ में जलभराव से जनजीवन प्रभावित

मंगलवार सुबह से चंडीगढ़, मोहाली और पंचकूला में लगातार तेज बारिश हुई, जिससे कई प्रमुख सड़कों पर जलभराव हो गया। बारिश के कारण जगह-जगह यातायात प्रभावित रहा और स्कूल, कॉलेज तथा दफ्तर जाने वाले लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग ने ट्राईसिटी में अगले चार दिनों तक बारिश की संभावना जताई है और लोगों से पेड़ों, बिजली के खंभों तथा तारों से दूर रहने की सलाह दी है।

बारिश के दौरान करंट लगने से छात्रा की मौत

बारिश के बीच चंडीगढ़ में एक दुखद हादसा भी सामने आया। पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग की पीएचडी स्कॉलर ज्योति की करंट लगने से मौत हो गई। वह हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले की रहने वाली थीं। घटना उस समय हुई जब वह गर्ल्स हॉस्टल नंबर-8 और यूआईईटी को जोड़ने वाले कच्चे रास्ते से गुजर रही थीं।

सुखना झील का जलस्तर बढ़ा, फ्लड गेट खोलने की तैयारी

लगातार बारिश के कारण सुखना झील का जलस्तर 1160 फीट के स्तर को पार कर गया है। प्रशासन ने स्थिति पर कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार यदि जलस्तर 1163 फीट तक पहुंचता है तो सुरक्षा के मद्देनजर फ्लड गेट खोले जा सकते हैं। नगर निगम की इंजीनियरिंग टीमें चौबीसों घंटे जलस्तर की निगरानी कर रही हैं।

पंजाब और हरियाणा प्रशासन को जारी किया गया अलर्ट

संभावित फ्लड गेट संचालन को देखते हुए चंडीगढ़ प्रशासन ने पंजाब और हरियाणा के प्रशासन को भी अलर्ट जारी किया है। सुखना झील से छोड़ा गया पानी सुखना चो के रास्ते घग्गर नदी में पहुंचता है, जिससे मोहाली, बलटाना, जीरकपुर और आसपास के निचले इलाकों में जलभराव या बाढ़ का खतरा बढ़ सकता है।

मोरनी में भूस्खलन का खतरा बढ़ा

हरियाणा के पंचकूला जिले के मोरनी क्षेत्र में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। हाल ही में मोरनी-जेबीटी मार्ग पर भारी मलबा और पत्थर गिरने से सड़क कई घंटों तक बंद रही। प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में यात्रा के दौरान विशेष सावधानी बरतने की अपील की है।

पंजाब में नदियां उफान पर, खेती पर असर

सतलुज, ब्यास और रावी नदियों का जलस्तर बढ़ने से पंजाब के कई हिस्सों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। फिरोजपुर, फाजिल्का, अमृतसर और गुरदासपुर समेत कई जिलों में बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पानी में डूब गई है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।

हिमाचल में भारी बारिश से हालात गंभीर

हिमाचल प्रदेश में लगातार हो रही भारी बारिश और फ्लैश फ्लड से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। चंबा, शिमला समेत कई क्षेत्रों में भूस्खलन के कारण प्रमुख सड़कें बंद हो गई हैं। ढली-संजौली बाईपास और कार्ट रोड सहित कई मार्गों पर मलबा आने से आवाजाही प्रभावित हुई है। राज्य में 250 से अधिक सड़कें बंद होने से यातायात व्यवस्था पर व्यापक असर पड़ा है।