Thursday, July 2, 2026
दिल्ली

ऑपरेशन सिंदूर पर सियासी संग्राम तेज! कांग्रेस ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, रक्षा मंत्रालय ने दिया करारा जवाब

नई दिल्ली: ऑपरेशन सिंदूर को लेकर केंद्र सरकार और कांग्रेस के बीच नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि सैन्य अभियान के दौरान वीरगति को प्राप्त हुए छह जवानों की जानकारी छिपाई गई और संसद को भी गुमराह किया गया। वहीं रक्षा मंत्रालय ने इन आरोपों को पूरी तरह भ्रामक और तथ्यों से परे बताते हुए कांग्रेस के दावों को खारिज कर दिया है।

कांग्रेस ने उठाए सरकार की पारदर्शिता पर सवाल

कांग्रेस के मीडिया विभाग प्रमुख पवन खेड़ा ने सोशल मीडिया पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के संसद में दिए गए एक पुराने बयान का वीडियो साझा करते हुए सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान छह सैन्यकर्मियों ने सर्वोच्च बलिदान दिया, लेकिन इस तथ्य को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया।

पवन खेड़ा ने कहा कि यदि रक्षा मंत्री को उस समय जवानों के बलिदान की जानकारी नहीं थी तो यह गंभीर प्रशासनिक चूक है। वहीं यदि जानकारी होने के बावजूद संसद में अलग बयान दिया गया, तो यह और भी गंभीर मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि वीर जवानों के बलिदान को उचित सम्मान और मान्यता नहीं मिली।

राष्ट्रीय समर स्मारक में दर्ज हुए छह जवानों के नाम

हाल ही में राष्ट्रीय समर स्मारक में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान कर्तव्य निर्वहन करते हुए वीरगति प्राप्त करने वाले छह सैन्यकर्मियों के नाम अंकित किए गए हैं। इनमें भारतीय थलसेना के पांच और भारतीय वायुसेना के एक जवान का नाम शामिल है।

जानकारी के अनुसार, त्याग चक्र की दीवार संख्या 3डी पर जिन सैन्यकर्मियों के नाम दर्ज किए गए हैं, उनमें सूबेदार मेजर पवन कुमार, राइफलमैन सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, अग्निवीर एम. मुरलीनाइक, हवलदार सुनील कुमार सिंह और भारतीय वायुसेना के सार्जेंट सुरेंद्र कुमार शामिल हैं।

रक्षा मंत्रालय ने आरोपों को बताया भ्रामक

कांग्रेस के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि रक्षा मंत्री के बयान को संदर्भ से अलग कर प्रस्तुत किया जा रहा है। मंत्रालय ने कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित कुछ पोस्ट भाषण के एक हिस्से को चुनकर उसका गलत अर्थ निकाल रही हैं।

मंत्रालय के अनुसार, यह दावा करना कि रक्षा मंत्री ने ऑपरेशन सिंदूर के दौरान किसी भी भारतीय सैनिक की मृत्यु न होने की बात कही थी, तथ्यात्मक रूप से गलत है। बयान में कहा गया कि उस समय कुछ माध्यमों में यह दावा किया जा रहा था कि अभियान के दौरान भारतीय पायलटों की मौत हुई है, जबकि यह सूचना पूरी तरह गलत थी।

‘गलत नैरेटिव का जवाब था रक्षा मंत्री का बयान’

रक्षा मंत्रालय ने कहा कि रक्षा मंत्री का वक्तव्य उस समय फैलाए जा रहे भ्रामक दावों के जवाब में दिया गया था। मंत्रालय के मुताबिक, कुछ तत्व ऑपरेशन सिंदूर की सफलता को कमतर दिखाने और जनता का मनोबल प्रभावित करने की कोशिश कर रहे थे। ऐसे में संसद में दिया गया बयान उसी विशेष दुष्प्रचार का उत्तर था, न कि पूरे अभियान में हुए सभी घटनाक्रमों का विस्तृत ब्यौरा।

पहलगाम हमले के बाद शुरू हुआ था ऑपरेशन सिंदूर

गौरतलब है कि पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद भारतीय सशस्त्र बलों ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान स्थित आतंकी ठिकानों पर कार्रवाई की थी। इस सैन्य अभियान को लेकर देशभर में व्यापक चर्चा हुई थी और अब जवानों के बलिदान को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है।