हिमाचल प्रदेश

ट्रक चालक की बेटी ने रचा इतिहास, बीकॉम में हिमाचल टॉप कर बनी मिसाल; अब CA बनने का सपना

हिमाचल प्रदेश के हमीरपुर जिले की रहने वाली खुशबू शर्मा ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। बीकॉम अंतिम वर्ष की परीक्षा में प्रदेशभर में प्रथम स्थान प्राप्त कर उन्होंने न केवल अपने परिवार बल्कि पूरे जिले का नाम रोशन किया है। खुशबू ने परीक्षा में 694 अंक हासिल कर यह सफलता अपने नाम की।

साधारण परिवार से निकलकर बनाई खास पहचान

हमीरपुर जिला की ग्राम पंचायत चौकी जंबाला के डोडरू गांव की रहने वाली खुशबू शर्मा एक साधारण परिवार से ताल्लुक रखती हैं। उनके पिता सोनी कुमार ट्रक चालक हैं, जबकि माता बबीता शर्मा गृहिणी हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद खुशबू ने अपनी पढ़ाई पर पूरा ध्यान केंद्रित रखा और शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में पहला स्थान हासिल किया।

चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने का है लक्ष्य

खुशबू का सपना भविष्य में चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) बनने का है। उनका कहना है कि यह उपलब्धि उनके लिए गर्व और खुशी का क्षण है, लेकिन वह इसे अपनी मंजिल नहीं बल्कि आगे की सफलता की शुरुआत मानती हैं। वह अब सीए की पढ़ाई कर अपने करियर को नई ऊंचाइयों तक ले जाना चाहती हैं।

केंद्रीय विद्यालय से शुरू हुई शैक्षणिक यात्रा

खुशबू की प्रारंभिक शिक्षा केंद्रीय विद्यालय हमीरपुर से हुई। वर्तमान में वह डिग्री कॉलेज अणु में अध्ययनरत हैं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कॉलेज प्रशासन और शिक्षकों को देते हुए कहा कि उन्हें हमेशा सकारात्मक शैक्षणिक माहौल और उचित मार्गदर्शन मिला।

प्राचार्य और शिक्षकों का जताया आभार

दैनिक जागरण से बातचीत में खुशबू ने बताया कि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सतीश सोनी ने लगातार उनका मार्गदर्शन किया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शिक्षकों नरेश, दिनेश और कनिका का भी विशेष रूप से आभार व्यक्त किया, जिन्होंने पढ़ाई के दौरान हर कदम पर सहयोग किया।

परिवार और दोस्तों का मिला पूरा साथ

खुशबू ने अपनी सफलता का श्रेय परिवार के सदस्यों को भी दिया। उन्होंने कहा कि पिता, माता, छोटे भाई तरुण, चाचा राजेश्वर कुमार, दादी संध्या देवी और उनकी मित्र कनिका शुक्ला ने हमेशा उनका उत्साह बढ़ाया। परिवार के सहयोग और आत्मविश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

मेहनत और संकल्प से हासिल की बड़ी सफलता

खुशबू शर्मा की सफलता उन युवाओं के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। उनकी उपलब्धि यह साबित करती है कि दृढ़ इच्छाशक्ति, निरंतर मेहनत और परिवार के सहयोग से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है।