CM भगवंत मान की पहल को मिली बड़ी सफलता, पंजाब के अटके ओवरब्रिज और हाईवे प्रोजेक्ट्स के लिए रास्ता साफ
नई दिल्ली: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी के साथ हुई अहम बैठक के बाद राज्य के लंबे समय से अटके बुनियादी ढांचा प्रोजेक्ट्स को गति मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। केंद्र सरकार ने पंजाब में रुके हुए हाइवे और फ्लाईओवर कार्यों को आगे बढ़ाने पर सकारात्मक रुख दिखाया है, जिससे मक्खू, आदमपुर और भवानीगढ़ जैसे क्षेत्रों में अधूरे पड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने का रास्ता आसान हो गया है।
कई महत्वपूर्ण कॉरिडोर और फ्लाईओवर को मिली रफ्तार की उम्मीद
मुख्यमंत्री ने बैठक में प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में लंबित सड़क परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। इसमें भवानीगढ़-कोटशमीर चार-मार्गीकरण, बरनाला-बाजाखाना और मालेरकोटला-बरनाला कॉरिडोर के विस्तार जैसे प्रोजेक्ट शामिल हैं। केंद्र की ओर से इन कार्यों को आगे बढ़ाने के आश्वासन के बाद राज्य में सड़क संपर्क और आर्थिक गतिविधियों को नई रफ्तार मिलने की संभावना जताई जा रही है।
रणनीतिक और सीमा क्षेत्र की सड़कों पर जोर
मुख्यमंत्री ने फिरोजपुर-फाजिल्का कॉरिडोर सहित कई रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग भी रखी। उन्होंने कहा कि सीमावर्ती क्षेत्रों की इन सड़कों का सीधा संबंध सुरक्षा और रक्षा जरूरतों से है, इसलिए इन्हें उच्च स्तरीय सड़क नेटवर्क में शामिल किया जाना आवश्यक है।
अमृतसर वल्ला फ्लाईओवर को लेकर गंभीर चिंता
बैठक में अमृतसर के वल्ला फ्लाईओवर का मुद्दा भी उठाया गया, जिसे राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा निर्धारित समय सीमा के बावजूद अब तक पूरा नहीं किया जा सका है। मुख्यमंत्री ने बताया कि यह परियोजना अमृतसर एयरपोर्ट और श्री हरिमंदिर साहिब को जोड़ने के कारण अत्यंत महत्वपूर्ण है, लेकिन देरी से यातायात और सुरक्षा दोनों प्रभावित हो रहे हैं। फिलहाल इस प्रोजेक्ट का लगभग 76 प्रतिशत कार्य ही पूरा हुआ है।
जालंधर-होशियारपुर-मनाली रोड के विस्तार की मांग
मुख्यमंत्री ने जालंधर-होशियारपुर-मनाली राष्ट्रीय राजमार्ग-70 के चार-मार्गीकरण पर भी जोर दिया। उन्होंने इस मार्ग को धार्मिक, पर्यटन और रणनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि यह हिमाचल प्रदेश के प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थलों को पंजाब से जोड़ता है और आदमपुर एयरपोर्ट के कारण इसकी रणनीतिक अहमियत और बढ़ जाती है।
चंडीगढ़-लांडरां-सरहिंद और अन्य सड़कों को राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने की मांग
बैठक में चंडीगढ़-लांडरां-चुन्नी-सरहिंद रोड को राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा धर्मकोट-जीरा-फिरोजपुर-फाजिल्का, बलाचौर-होशियारपुर-दसूहा, भवानीगढ़-सुनाम-भीखी-कोटशमीर, बंगा-गढ़शंकर-श्री आनंदपुर साहिब और बरनाला-बाजाखाना जैसी सड़कों को भी राष्ट्रीय राजमार्ग का दर्जा देने पर जोर दिया गया।
सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक सुधार पर फोकस
मुख्यमंत्री ने कई स्थानों पर सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को भी उठाया, जिसमें गिद्दड़बाहा के हुसनर चौक पर व्यू कटर लगाने की आवश्यकता प्रमुख रही। इसके साथ ही भवानीगढ़ जैसे भीड़भाड़ वाले शहरों में एलिवेटेड कॉरिडोर बनाने की संभावना पर भी चर्चा की गई ताकि यातायात सुचारू हो सके और दुर्घटनाओं में कमी आए।
सीआरआईएफ फंड और अधूरे प्रोजेक्ट्स के भुगतान पर भी चर्चा
बैठक में केंद्रीय सड़क अवसंरचना निधि (सीआरआईएफ) के तहत लंबित भुगतानों को जारी करने की मांग भी रखी गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि फंड की देरी के कारण कई निर्माण कार्य प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए समय पर धनराशि जारी करना जरूरी है।
सीएम मान ने बैठक को बताया सकारात्मक
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोशल मीडिया पर जानकारी देते हुए कहा कि बैठक में पंजाब से जुड़े कई अहम सड़क परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि राज्य की सड़क सुरक्षा फोर्स को भी केंद्रीय मंत्री ने सराहा है, जो पंजाब में सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक अनूठी पहल है।
