UP Board Result 2026: जेलों में बंदियों का शानदार प्रदर्शन, 10वीं में 98.5% पास तो इंटर में 84% सफल, कई जिलों ने बनाया रिकॉर्ड
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश बोर्ड परीक्षा 2026 में इस बार जेलों में निरुद्ध बंदियों ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। प्रदेश की 30 जेलों में बंद 203 बंदियों ने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षा में हिस्सा लिया, जिनमें से 181 ने सफलता हासिल की। आंकड़ों के विश्लेषण से साफ है कि जहां हाईस्कूल में लगभग शत-प्रतिशत परिणाम रहा, वहीं इंटरमीडिएट में प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर रहा।
हाईस्कूल में लगभग शत-प्रतिशत रिजल्ट, कई जिलों ने किया कमाल
हाईस्कूल परीक्षा में कुल 68 बंदी परीक्षार्थियों में से 67 ने सफलता हासिल की, जिससे पास प्रतिशत 98.53 रहा। आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, गाजियाबाद, मेरठ, बरेली, लखनऊ, उन्नाव, फर्रुखाबाद और जौनपुर समेत 23 जिलों में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। इस श्रेणी में वाराणसी सबसे पीछे रहा, जहां 83.33 प्रतिशत परीक्षार्थी ही सफल हो सके।
इंटरमीडिएट में गिरा प्रदर्शन, करीब 14% की कमी दर्ज
हाईस्कूल के मुकाबले इंटरमीडिएट का परिणाम कमजोर रहा। 135 परीक्षार्थियों में से 114 ही पास हो सके, जिससे कुल पास प्रतिशत 84.44 रहा। यह आंकड़ा हाईस्कूल के मुकाबले करीब 14 प्रतिशत की गिरावट को दर्शाता है। हालांकि मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, उन्नाव, कानपुर नगर, फर्रुखाबाद, इटावा और जौनपुर सहित 14 जिलों में 100 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया।
कुछ जिलों में निराशाजनक नतीजे, प्रयागराज सबसे पीछे
इंटरमीडिएट में कुछ जिलों का प्रदर्शन चिंता का विषय रहा। प्रयागराज में तीन में से केवल एक बंदी ही परीक्षा पास कर सका, जो सबसे कम परिणाम रहा। हरदोई में एक भी परीक्षार्थी सफल नहीं हुआ। वहीं फिरोजाबाद, लखीमपुर खीरी और रायबरेली में 50 प्रतिशत परिणाम दर्ज किया गया। इसके अलावा गौतमबुद्ध नगर और मुरादाबाद में 66.67 प्रतिशत तथा वाराणसी में 75 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे।
ज्यादा परीक्षार्थियों वाले जिलों में दिखा असर
जिन जिलों में परीक्षार्थियों की संख्या अधिक रही, वहां परिणाम पर असर भी देखने को मिला। बरेली और गाजियाबाद जैसे जिलों में इंटरमीडिएट के अधिक परीक्षार्थी होने के बावजूद पास प्रतिशत क्रमशः 77.78 और 94.44 रहा, जो औसत से कम माना जा रहा है।
