इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में 50% बढ़ोतरी, अब हर महीने मिलेंगे करीब 21,500 रुपये; हड़ताल भी खत्म
भोपाल: मध्य प्रदेश में इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड को लेकर सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में करीब 50 फीसदी बढ़ोतरी पर सहमति बनी है। इसके बाद अब उन्हें करीब 21,500 रुपये प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलेगा। मौजूदा 14,337 रुपये के मुकाबले यह करीब 7 हजार रुपये अधिक होगा। यह फैसला भोपाल में एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर हुए वाटर कैनन और लाठीचार्ज की घटना के बाद सामने आया है।
तीन दिन के धरने के बाद इंटर्न डॉक्टरों की हड़ताल खत्म
स्टाइपेंड बढ़ाने के फैसले के बाद इंटर्न डॉक्टरों ने तीन दिन से जारी धरना-प्रदर्शन समाप्त कर दिया। छात्रों ने मुख्यमंत्री आवास से 100 मीटर दूर स्थित धरना स्थल वाली सड़क को खाली कर दिया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात सामान्य हो गया। दो दिन तक राहगीरों को हुई परेशानी के लिए इंटर्न डॉक्टरों ने माफी भी मांगी। स्टाइपेंड बढ़ाए जाने के फैसले पर छात्रों ने खुशी जताई।
डिप्टी सीएम से मुलाकात के बाद मिला आश्वासन
इंटर्न डॉक्टरों, एमपीए और जूडा संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने इस मामले को लेकर डिप्टी सीएम से मुलाकात की थी। मंत्रालय में हुई बैठक के दौरान स्टाइपेंड बढ़ाने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद सरकार की ओर से बढ़ोतरी का फैसला लिया गया।
लाठीचार्ज मामले में दो पुलिसकर्मी लाइन अटैच
सोमवार को एमबीबीएस इंटर्न छात्रों पर वाटर कैनन और लाठीचार्ज की घटना को लेकर पुलिस प्रशासन ने भी कार्रवाई की है। शुरुआती जांच में दोषी पाए गए दो पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया है। इनमें आरक्षक कृष्ण दत्त शिवहरे और सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह यादव शामिल हैं। इस कार्रवाई पर जूडा और एमटीए संगठनों ने संतोष जताया है।
स्वास्थ्य मंत्री ने घटना को बताया दुखद और निंदनीय
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सोमवार की घटना को दुखद और निंदनीय बताया। उन्होंने कहा कि छात्र परिसर में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे और उनके साथ हुई घटना से मुख्यमंत्री भी नाराज थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले में कार्रवाई की और दोनों पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच किया गया।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी को लेकर पहले से चर्चा चल रही थी, लेकिन इसे कब लागू किया जाएगा, यह तय नहीं था। छात्रों के साथ हुई घटना के बाद अब इस पर फैसला लिया गया है।
इंटर्न डॉक्टरों पर कार्रवाई नहीं करेगी सरकार
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि एमबीबीएस इंटर्न छात्रों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सेवा देने से डॉक्टरों को जमीनी स्तर पर काम करने और लोगों को बेहतर तरीके से समझने का अनुभव मिलता है।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री मोहन यादव विदेश में रहने के बावजूद पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए थे। मुख्यमंत्री के निर्देश पर ही इंटर्न डॉक्टरों के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी का फैसला किया गया। इस निर्णय के बाद इंटर्न डॉक्टरों के चेहरे पर खुशी नजर आई।
