उत्तर प्रदेश

नोएडा सेक्टर-1 गोलचक्कर पर बनेगा 121 मीटर लंबा स्काईवॉक, 15 करोड़ की लागत; एक महीने में शुरू होगा काम

नोएडा: नोएडा सेक्टर-1 गोलचक्कर पर पैदल यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए नया स्काईवॉक बनाया जाएगा। उद्योग मार्ग को जोड़ने वाला यह स्काईवॉक एल आकार में तैयार किया जाएगा। नोएडा प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इसका निर्माण करीब एक महीने के भीतर शुरू होने की उम्मीद है और काम शुरू होने के बाद लगभग एक साल में इसे पूरा करने का लक्ष्य है। स्काईवॉक बनने से पैदल यात्रियों के कारण इस मार्ग पर लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

15 करोड़ रुपये की लागत, प्राधिकरण नहीं करेगा खर्च

अधिकारियों के अनुसार स्काईवॉक का निर्माण बीओटी यानी बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर मॉडल पर किया जाएगा। इसकी लंबाई 121 मीटर और चौड़ाई ढाई मीटर होगी। परियोजना पर करीब 15 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।

इसका पूरा खर्च निर्माण करने वाली एजेंसी उठाएगी। इसके बदले एजेंसी को विज्ञापन लगाने के अधिकार दिए जाएंगे। निर्माण के साथ करीब 15 वर्षों तक स्काईवॉक के रखरखाव की जिम्मेदारी भी उसी एजेंसी की होगी। प्राधिकरण के मुताबिक एक सप्ताह के भीतर मौके पर सर्वे का काम शुरू कराया जाएगा।

दो स्थानों पर एस्केलेटर, उद्योग मार्ग की ओर लिफ्ट

स्काईवॉक पर पैदल यात्रियों के चढ़ने और उतरने के लिए सेक्टर-15 मेट्रो स्टेशन, कोचिंग सेंटर और सेक्टर-14 की तरफ स्थान उपलब्ध कराया जाएगा। यहां दो जगह एस्केलेटर लगाए जाएंगे।

उद्योग मार्ग यानी सेक्टर-1 स्थित इंडियन ऑयल बिल्डिंग की तरफ आने-जाने के लिए लिफ्ट की सुविधा दी जाएगी। इससे पैदल यात्रियों को सड़क पार करने के लिए मुख्य मार्ग पर उतरने की जरूरत नहीं पड़ेगी।

BOT मॉडल पर बनेगा स्काईवॉक

प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक इस क्षेत्र में पैदल यात्रियों की संख्या काफी अधिक है। सड़क पार करने के दौरान वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने से जाम की स्थिति बनती है। इसी समस्या को देखते हुए यहां स्काईवॉक बनाने की योजना तैयार की गई है।

बीओटी मॉडल के तहत निर्माण और रखरखाव पर प्राधिकरण का पैसा खर्च नहीं होगा। निर्माण एजेंसी ही पूरी लागत वहन करेगी। अधिकारियों के अनुसार एक सप्ताह के भीतर मौके पर मार्किंग शुरू कर दी जाएगी। इसमें पिलर की जगह तय करने के साथ रास्ते में आने वाले पेड़, बिजली के खंभे और पुलिस चौकी जैसी बाधाओं को हटाने या स्थानांतरित करने का काम किया जाएगा।

12 से 15 साल पुरानी है स्काईवॉक की योजना

सेक्टर-1 गोलचक्कर पर स्काईवॉक बनाने की योजना करीब 12 से 15 वर्ष पुरानी है। इससे पहले जमीन विवाद और अन्य कारणों के चलते परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी थी। अब पहली बार इसके निर्माण के लिए एजेंसी का चयन किया गया है, जिसके बाद काम शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है।

सेक्टर-51 और 52 के बीच स्काईवॉक भी जल्द खुलेगा

नोएडा के सेक्टर-51 और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन के बीच बन रहे स्काईवॉक को 15 या 16 अगस्त को खोलने की तैयारी है। इसका ट्रायल बुधवार से शुरू कर दिया गया है। प्राधिकरण ने निर्माण एजेंसी को बाकी काम जल्द पूरा करने के निर्देश दिए हैं।

इस स्काईवॉक पर ट्रैवलेटर की सुविधा भी उपलब्ध होगी। सेक्टर-51 स्टेशन एक्वा लाइन का मेट्रो स्टेशन है, जिसका संचालन नोएडा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करता है। इस लाइन पर नोएडा से ग्रेटर नोएडा के बीच मेट्रो सेवा संचालित होती है। वहीं सेक्टर-52 स्टेशन ब्लू लाइन पर है, जिसका संचालन दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन करता है।