Monday, March 2, 2026
उत्तर प्रदेश

यूपी के 18 जिलों में शुरू हुए ‘वामा स्वावलंबन’ केंद्र, पुलिस परिवारों को मिलेगा कौशल और आत्मनिर्भरता का नया मंच

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में पुलिस परिवारों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। पुलिस मुख्यालय स्थित सिग्नेचर बिल्डिंग के अमर शहीद चन्द्रशेखर आजाद ऑडिटोरियम में शुक्रवार को प्रदेश के 18 जिलों में ‘वामा स्वावलंबन’ केंद्रों का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस पहल का उद्देश्य पुलिस कर्मियों के परिजनों और आश्रितों को व्यावसायिक कौशल से जोड़कर रोजगार और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।

18 जिलों में एक साथ हुआ शुभारंभ
वामा सारथी (उत्तर प्रदेश पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन) की अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह और प्रमुख सचिव, व्यावसायिक शिक्षा, कौशल विकास एवं उद्यमशीलता विभाग डा. हरिओम ने संयुक्त रूप से लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, प्रयागराज, आगरा, अलीगढ़, बांदा, बरेली, मुरादाबाद, गोरखपुर, बस्ती, गोंडा, झांसी, अयोध्या, मेरठ, मुजफ्फरनगर, आजमगढ़ और मीरजापुर में वामा स्वावलंबन केंद्रों का शुभारंभ किया।

समझौता ज्ञापन से मजबूत होगी कौशल पहल
इस अवसर पर दोनों संस्थाओं के बीच समझौता ज्ञापन का आदान-प्रदान भी किया गया। इसके तहत पुलिस कर्मियों, उनके परिवारों और आश्रितों को विभिन्न व्यावसायिक कौशलों में प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाने का रास्ता तैयार किया गया है।

रोजगारोन्मुखी कोर्स से मिलेगा लाभ
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के सहयोग से इन केंद्रों पर ब्यूटीशियन, डिजिटल मित्र, सैंपल टेलरिंग, डिजिटल मार्केटिंग और ई-कॉमर्स जैसे रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम संचालित किए जाएंगे। पहले चरण में 1,700 से अधिक युवाओं और महिलाओं ने इन प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी की।

आत्मविश्वास और सुरक्षित भविष्य की ओर कदम: मीनाक्षी सिंह
वामा सारथी की अध्यक्षा मीनाक्षी सिंह ने कहा कि यह प्रशिक्षण केवल कौशल तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पुलिस परिवारों के लिए सुरक्षित आर्थिक भविष्य, आत्मविश्वास और स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनेगा।

पुलिस परिवार का कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता: डीजीपी
पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण ने पुलिस परिवारों के कल्याण को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकता और नैतिक जिम्मेदारी बताया। उन्होंने वामा सारथी द्वारा पिछले आठ महीनों में शिक्षा, स्वास्थ्य और विशेष रूप से कौशल विकास के क्षेत्र में किए गए कार्यों की सराहना की।

नौकरी खोजने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें: राजीव कृष्ण
डीजीपी ने पुलिस परिवार के सदस्यों से आह्वान किया कि वे केवल नौकरी की तलाश तक सीमित न रहें, बल्कि स्टार्टअप और उद्यमिता के माध्यम से जोखिम उठाने का साहस करें और दूसरों के लिए भी रोजगार सृजित करने वाले बनें।

पुलिस परिवारों को कौशल से जोड़ने का अवसर: डा. हरिओम
प्रमुख सचिव डा. हरिओम ने कहा कि वामा सारथी के माध्यम से पुलिस परिवारों के विशाल नेटवर्क को कौशल विकास से जोड़ने का महत्वपूर्ण अवसर प्राप्त हुआ है, जिससे समाज के एक बड़े वर्ग को लाभ मिलेगा।

75 जिलों में चल रहे हैं निःशुल्क कोर्स
उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के मिशन निदेशक पुलकित खरे ने बताया कि मिशन के अंतर्गत 30 क्षेत्रों में 500 से अधिक निःशुल्क शॉर्ट-टर्म कोर्स प्रदेश के सभी 75 जिलों में संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम के अंत में पुलिस महानिरीक्षक कार्मिक शलभ माथुर ने सभी का आभार व्यक्त किया।