US और EU समझौतों से खुला 60 ट्रिलियन डॉलर का बाजार: पीयूष गोयल बोले- भारतीय एक्सपोर्ट को मिलेगा ऐतिहासिक बूस्ट
नई दिल्ली: वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री Piyush Goyal ने भारतीय निर्यातकों के लिए बड़ी घोषणा करते हुए कहा है कि अमेरिका और यूरोपीय यूनियन के साथ हुए हालिया समझौतों के बाद देश के लिए करीब 55-60 ट्रिलियन डॉलर के विशाल वैश्विक बाजार के दरवाजे खुल गए हैं। एक बिजनेस समिट को संबोधित करते हुए उन्होंने इसे भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए ऐतिहासिक अवसर बताया।
गोयल ने कहा कि इन समझौतों से भारत के टेक्सटाइल, कृषि और एमएसएमई सेक्टर को सीधा लाभ मिलेगा और निर्यात वृद्धि को नई गति मिलेगी।
किसानों के हितों पर ‘नो कॉम्प्रोमाइज’
मंत्री ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार समझौतों में भारतीय किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा, “हमने 95 प्रतिशत से अधिक कृषि उपज और संवेदनशील क्षेत्रों को इन समझौतों से बाहर रखा है, ताकि हमारे किसानों के बाजार पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।”
उनका कहना था कि सरकार का लक्ष्य निर्यात बढ़ाना है, लेकिन घरेलू कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था की कीमत पर नहीं।
AI बदलेगा काम का तरीका, नहीं छीनेगा रोजगार
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर बढ़ती चिंताओं पर गोयल ने कहा कि यह तकनीक इंसानों की जगह नहीं लेगी, बल्कि कार्यशैली को अधिक कुशल बनाएगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत को इस तकनीकी बदलाव के लिए तैयार रहना होगा, क्योंकि देश एप्लाइड एआई के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की क्षमता रखता है।
अमेरिका के साथ टैरिफ में राहत, 18% पर सहमति
मंत्री ने बताया कि United States ने भारत पर लगाए गए अतिरिक्त दंडात्मक टैरिफ को घटाकर 18 प्रतिशत (रेसिप्रोकल टैरिफ) करने पर सहमति दी है। इससे पहले रूस से तेल खरीद के मुद्दे पर यह टैरिफ 25 प्रतिशत से बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुंच गया था।
अब भारत के टेक्सटाइल, कृषि और एमएसएमई उत्पाद अमेरिकी बाजार में अधिक प्रतिस्पर्धी कीमतों पर उपलब्ध हो सकेंगे। गोयल के अनुसार, अकेले अमेरिका में भारत के लिए करीब 20 ट्रिलियन डॉलर का अवसर खुल गया है।
27 देशों के समूह EU के साथ भी मजबूत साझेदारी
European Union के साथ हुए समझौते का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अब 99 प्रतिशत भारतीय उत्पादों पर टैरिफ में कमी आएगी। उन्होंने बताया कि भारत ने हाल के महीनों में न्यूज़ीलैंड, यूके, ओमान और ईएफटीए (EFTA) जैसे देशों के साथ भी व्यापारिक संबंधों को ‘मिशन मोड’ में आगे बढ़ाया है।
सरकार का दावा है कि इन समझौतों के लागू होने के बाद भारतीय उद्योगों को वैश्विक बाजार में नई प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिलेगी और निर्यात आधारित विकास मॉडल को मजबूती मिलेगी।
