Monday, March 2, 2026
उत्तर प्रदेश

आवारा कुत्तों से मिलेगी राहत, यूपी में बनेंगे डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर, योगी सरकार ने तेज की कार्रवाई

लखनऊ। प्रदेश में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक और डॉग बाइट की लगातार सामने आ रही घटनाओं को लेकर योगी सरकार पूरी तरह गंभीर नजर आ रही है। जन सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने नगर निगमों और जनपद मुख्यालयों पर डॉग शेल्टर होम और एनिमल बर्थ कंट्रोल (एबीसी) सेंटर स्थापित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। इसके तहत भूमि चिह्नीकरण से लेकर बजट और परियोजना स्वीकृति तक की कार्रवाई एक साथ आगे बढ़ाई जा रही है।

मानवीय और वैज्ञानिक समाधान पर फोकस

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का साफ उद्देश्य है कि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान मानवीय, वैज्ञानिक और स्थायी तरीके से किया जाए। शासन का मानना है कि शेल्टर होम और एबीसी सेंटर की प्रभावी व्यवस्था से जहां आम लोगों को डॉग बाइट की घटनाओं से राहत मिलेगी, वहीं पशु कल्याण को भी मजबूती दी जा सकेगी। यह पूरी योजना सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी गाइडलाइंस के अनुरूप तैयार की जा रही है, जिसमें नागरिक सुरक्षा और पशु अधिकारों दोनों को वरीयता दी गई है।

नगर निगमों को भूमि उपलब्ध कराने के निर्देश

सरकार ने सभी नगर निगमों को निर्देश दिए हैं कि वे डॉग शेल्टर होम और एबीसी सेंटर के लिए उपयुक्त भूमि शीघ्र उपलब्ध कराएं। नगर निगम क्षेत्रों में पहले से संचालित या प्रस्तावित एबीसी सेंटरों के साथ शेल्टर होम विकसित किए जाएंगे। शासन स्तर पर प्रशासनिक औपचारिकताओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है, ताकि परियोजनाएं समय पर धरातल पर उतर सकें।

शेल्टर होम के लिए अलग डीपीआर, करोड़ों की लागत

योगी सरकार ने डॉग शेल्टर होम के लिए अलग से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करवाई है। प्रस्तावित डीपीआर के अनुसार प्रति शेल्टर होम 470 लाख रुपये से लेकर 531 लाख रुपये तक की लागत आने का अनुमान है। डीपीआर में शेल्टर की क्षमता, आधुनिक इन्फ्रास्ट्रक्चर, पशु चिकित्सा सुविधाएं, भोजन, स्वच्छता, सुरक्षा और प्रशिक्षित स्टाफ की व्यवस्था जैसे सभी अहम पहलुओं को शामिल किया गया है। शासन ने इन डीपीआर को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है।

प्रयागराज और लखनऊ सहित कई शहरों में जमीन चिन्हित

प्रगति रिपोर्ट के मुताबिक प्रयागराज नगर निगम क्षेत्र में ग्राम मऊर उपरहट, तहसील सोरांव में डॉग शेल्टर होम के लिए भूमि चिन्हित कर ली गई है। वहीं लखनऊ नगर निगम में भूमि उपलब्धता को लेकर कार्यकारिणी बोर्ड से प्रस्ताव स्वीकृत हो चुका है। अन्य नगर निगमों से भी लगातार सूचनाएं जुटाई जा रही हैं, ताकि प्रदेशभर में एक समान व्यवस्था लागू की जा सके।

जनपद मुख्यालयों पर भी तेजी से बढ़ी प्रक्रिया

नगर निगमों के साथ-साथ जनपद मुख्यालयों पर भी एबीसी सेंटर और डॉग शेल्टर होम की स्थापना की जा रही है। ललितपुर में 12.182 हेक्टेयर, हरदोई में 0.2 हेक्टेयर, बुलंदशहर में 2000 वर्ग मीटर और फतेहपुर में 0.769 हेक्टेयर भूमि इसके लिए चिन्हित कर ली गई है। शेष जनपदों से जानकारी मिलते ही वहां भी भूमि चिन्ह्नीकरण और परियोजना स्वीकृति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।