इंतजार खत्म! रांची स्टेशन का साउथ गेट जल्द खुलेगा, प्लेटफार्म-6 से मई में शुरू होगी यात्री सेवा
रांची: झारखंड की राजधानी के यात्रियों के लिए बड़ी खुशखबरी है। रांची रेलवे स्टेशन के बहुप्रतीक्षित पुनर्विकास का काम अंतिम चरण में पहुंच गया है। स्टेशन का साउथ गेट पूरी तरह तैयार होने में करीब दो माह का समय और लगेगा, लेकिन मई तक प्लेटफार्म-6 से नियमित यात्री सेवा शुरू करने की तैयारी है।
प्लेटफार्म-6 पर ट्रेनों का ठहराव शुरू, जल्द मिलेगी यात्री सुविधा
रेलवे अधिकारियों के अनुसार प्लेटफार्म संख्या-6 पर ट्रेनों का ठहराव और पासिंग पहले ही शुरू हो चुकी है। हालांकि शेड और कुछ बुनियादी ढांचे का काम अधूरा होने के कारण इसे अभी यात्रियों के लिए नहीं खोला गया है।
प्लेटफार्म-6 पर टिकट काउंटर तैयार हो चुका है, जबकि भवन के दूसरे तल पर फिनिशिंग का कार्य जारी है। मई तक इसे पूरी तरह चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
साउथ गेट पर अंतिम चरण का काम
साउथ गेट के बाहर शेड लगाने, फर्श तैयार करने और पार्किंग क्षेत्र विकसित करने का काम तेजी से चल रहा है। निर्माण एजेंसियां तय समयसीमा में परियोजना पूरी करने के लिए युद्धस्तर पर काम कर रही हैं।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा जी+2 स्टेशन भवन
नया स्टेशन भवन जी प्लस टू संरचना में तैयार किया जा रहा है। यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसमें 17 लिफ्ट और 19 एस्केलेटर लगाए जा रहे हैं। दोनों ओर 100-100 कमरों वाले रिटायरिंग रूम बनाए जा रहे हैं।
पुनर्विकास के बाद स्टेशन पर एक समय में करीब 35 हजार यात्रियों की आवाजाही संभव होगी। फूड प्लाजा क्षेत्र में लगभग 2,500 लोगों के बैठने की व्यवस्था की जा रही है।
447 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा आधुनिक स्टेशन
पूरी परियोजना पर 447 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इनमें से 330 करोड़ रुपये स्टेशन भवन निर्माण पर, जबकि शेष राशि इंटीरियर, फर्नीचर और अन्य आधुनिक सुविधाओं पर व्यय की जा रही है।
पर्यावरण और सुरक्षा पर विशेष ध्यान
स्टेशन की छतों पर सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं, जिससे करीब 30 प्रतिशत ऊर्जा की आवश्यकता पूरी होगी। महिलाओं के लिए फीडिंग जोन, बच्चों के लिए प्ले एरिया, प्राथमिक चिकित्सा केंद्र और आधुनिक प्रवेश नियंत्रण प्रणाली विकसित की जा रही है।
मुख्य भवन के सामने बड़ा सर्कुलेटिंग एरिया बनाया जा रहा है, जहां ऑटो, टैक्सी और निजी वाहनों के लिए अलग-अलग लेन और व्यवस्थित पार्किंग की सुविधा होगी।
साउथ गेट के बाद नॉर्थ गेट का पुनर्विकास
साउथ गेट का कार्य पूरा होने के बाद नॉर्थ गेट के पुनर्विकास की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। फिलहाल सर्वे का काम जारी है और अगले दो-तीन महीनों में निर्माण शुरू होने की संभावना है।
निर्माण के दौरान सेवाएं बाधित न हों, इसके लिए स्टेडियम के पीछे अस्थायी भवन तैयार किया जा रहा है, जहां रेलवे क्लेम्स ट्रिब्यूनल, मजिस्ट्रेट कार्यालय, ट्रैक मशीन कार्यालय, रेलटेल कार्यालय और को-ऑपरेटिव बैंक को शिफ्ट किया जाएगा।
उत्तर-दक्षिण को जोड़ेगा नया रोड ओवरब्रिज
स्टेशन पुनर्विकास परियोजना के तहत उत्तर और दक्षिण हिस्से को जोड़ने वाला नया रोड ओवरब्रिज (आरओबी) भी बन रहा है। 25.5 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह 11.70 मीटर चौड़ा आरओबी दो लेन सड़क और दोनों ओर 1.5 मीटर चौड़े पैदल पथ से सुसज्जित होगा।
772 मीटर लंबे इस ओवरब्रिज का मुख्य स्पैन 60 मीटर का बो-स्ट्रिंग गर्डर होगा। इसे 30 जून 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके बनने से चुटिया क्षेत्र से बिरसा चौक और एचईसी की ओर जाने वाले लोगों को जाम और लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा, जिससे शहर की यातायात व्यवस्था को बड़ी राहत मिलेगी।
