Monday, March 2, 2026
उत्तर प्रदेश

विकास के नाम पर पेड़ों की कटाई रोके, वेटलैंड्स का संरक्षण अनिवार्य: सीएम योगी

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य वन्यजीव परिषद की 20वीं बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास के लिए पेड़ों और हरियाली को अनावश्यक रूप से नहीं काटा जाए। सीएम ने कहा कि वेटलैंड यानी नम भूमि को प्राकृतिक धरोहर की तरह संरक्षित किया जाना चाहिए और संवेदनशील क्षेत्रों में प्रस्तावित सभी विकास कार्य में नियमों का सख्ती से पालन होना चाहिए।

वन्यजीव संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता
सीएम योगी ने बैठक में कहा कि विकास की प्रक्रिया में वन्यजीवों की सुरक्षा, उनके आवागमन और आवासीय निरंतरता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि कोई भी परियोजना प्रस्ताव भेजते समय संबंधित विभाग पर्यावरणीय जोखिम, जैव-विविधता पर संभावित प्रभाव, वन्यजीव मूवमेंट, वैकल्पिक मार्ग और आधुनिक तकनीकी समाधानों का विस्तृत और वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत करें।

संवेदनशील क्षेत्रों में 12 नई परियोजनाओं पर निर्णय
बैठक में इटावा, गोंडा, पीलीभीत, बरेली, बांदा समेत विभिन्न वन्यजीव संवेदनशील क्षेत्रों और इको-सेंसिटिव जोन से जुड़े कुल 12 नए प्रस्तावों पर चर्चा हुई। इनमें सड़क चौड़ीकरण, पेट्रोल पंप एवं फ्यूल स्टेशन स्थापना, ट्यूबवेल प्रेशर प्रणाली, भूमिगत पाइपलाइन, मोबाइल टावर, आप्टिकल फाइबर केबल और संपर्क मार्ग निर्माण जैसी परियोजनाएं शामिल थीं। परिषद ने पर्यावरणीय सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए इन परियोजनाओं को स्वीकृति दी।

टेक्नोलॉजी और इको-फ्रेंडली समाधान को प्राथमिकता
सीएम ने कहा कि जहां विकल्प उपलब्ध हों, वहां ट्रेंचलेस टेक्नोलॉजी, एलिवेटेड स्ट्रक्चर और इको-फ्रेंडली तकनीकों को प्राथमिकता दी जाए। उन्होंने वेटलैंड्स में जमा सिल्ट को हटाने और इसे ‘विकसित भारत-जी राम जी’ अभियान के अंतर्गत तत्काल कार्यवाही करने के निर्देश भी दिए।

इस बैठक में मुख्यमंत्री ने विकास और पर्यावरण संरक्षण के संतुलन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए सभी विभागों को स्पष्ट किया कि संवेदनशील इको-सिस्टम की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।