SIR ड्यूटी से अटका जमीन सत्यापन, 1.10 लाख किसानों का धान फंसा; खरीद सत्र खत्म होने से पहले बढ़ी बेचैनी
धान खरीद सत्र समाप्त होने में महज 13 दिन शेष हैं, लेकिन राजस्व कर्मियों के एसआईआर ड्यूटी में व्यस्त होने के कारण गोंडा समेत 75 जिलों के करीब 1.10 लाख किसानों की जमीन का सत्यापन लंबित है। सत्यापन न होने से किसान सरकारी क्रय केंद्रों पर धान नहीं बेच पा रहे हैं, जिससे उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
देवीपाटन मंडल के हजारों किसान परेशान
देवीपाटन मंडल के बलरामपुर, बहराइच और श्रावस्ती सहित चार जिलों के 5101 किसान लेखपाल और राजस्व अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं। किसानों का कहना है कि पंजीकरण के बाद भी सत्यापन न होने से उन्हें अपनी फसल बेचने की अनुमति नहीं मिल पा रही है, जबकि धान खरीद का समय तेजी से खत्म हो रहा है।
क्रय केंद्र बंद होने के फैसले से बढ़ी मुश्किल
तीन दिन पहले शासन ने मंडियों के बाहर संचालित सभी क्रय केंद्र बंद कर दिए थे और सिर्फ मंडी परिसर के केंद्रों को खरीद की अनुमति दी थी। इस फैसले से मंडल के करीब 10 हजार किसानों के सामने धान बेचने का संकट खड़ा हो गया। बाद में निर्णय बदलते हुए ब्लॉक स्तर पर एक-एक केंद्र खुले रखने की अनुमति दी गई, लेकिन सत्यापन प्रक्रिया अधूरी रहने पर इसका लाभ भी किसानों को नहीं मिल पा रहा।
परीक्षा ड्यूटी में लगे अधिकारी, खरीद प्रभावित
धान क्रय केंद्रों के प्रभारी विपणन निरीक्षक परीक्षा ड्यूटी में व्यस्त हैं, जिससे केंद्रों पर तौल और खरीद की प्रक्रिया धीमी पड़ गई है। किसान केंद्र पहुंचने पर प्रभारी की अनुपस्थिति या व्यस्तता का हवाला सुनकर लौटने को मजबूर हो रहे हैं। नवीन गल्लामंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों ने बताया कि कई बार आने के बावजूद खरीद नहीं हो पा रही।
अधिकारियों का दावा—जल्द मिलेगी राहत
संभागीय खाद्य नियंत्रक चंद्रभान यादव के अनुसार जिले में धान खरीद का लक्ष्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन किसानों की सुविधा के लिए ब्लॉक स्तर पर केंद्र खुले रखे जाएंगे। भूमि सत्यापन लंबित मामलों को लेकर सभी डिप्टी आरएमओ को जिला प्रशासन को पत्र लिखने के निर्देश दिए गए हैं। परीक्षा ड्यूटी में लगे विपणन निरीक्षकों को मुक्त कराने के लिए भी पत्राचार किया गया है और जल्द स्थिति सामान्य होने की उम्मीद है।
