Sunday, March 1, 2026
राजस्थान

राजस्थान में सनसनीखेज खुलासा: 4 साल के प्रिंस की हत्या रिश्तेदारों ने की, दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे किनारे दफनाया शव

नई दिल्ली/दौसा: राजस्थान के दौसा जिले में छह साल पहले लापता हुए चार वर्षीय मासूम प्रिंस उर्फ टिल्लू मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि बच्चे की हत्या उसके ही रिश्तेदार अनिल और कृष्णा ने कथित आपसी रंजिश के चलते की थी और शव को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के किनारे दफना दिया। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और पूछताछ में उन्होंने जुर्म कबूल कर लिया है।

16 अगस्त 2020 को घर से हुआ था लापता

मामला 16 अगस्त 2020 का है। ऊनबड़ा गांव की रामदेवा ढाणी में प्रिंस अपने घर के आंगन में खेलते-खेलते अचानक गायब हो गया था। परिवार ने गांव से लेकर दिल्ली और जयपुर तक उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला।

2021 में परिजनों ने राजस्थान हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। इसके बाद जांच तेज हुई, लेकिन वर्षों में सात जांच अधिकारी बदलने के बावजूद मामला अनसुलझा रहा। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद पुलिस ने गहन पड़ताल की और आखिरकार आरोपी टूट गए।

रंजिश में की हत्या, कट्टे में बंद कर दफनाया शव

पुलिस के अनुसार, आरोपियों ने बच्चे को घर से उठाया और चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को कट्टे में बंद कर अगले दिन रात एक्सप्रेसवे के निर्माणाधीन इलाके में दफना दिया। कुछ रिपोर्टों में आरोपी की मां की आत्महत्या से जुड़ी रंजिश की बात भी सामने आई है।

आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खुदाई शुरू की है।

30 फीट नीचे संदिग्ध संकेत, तीन दिन से जारी खुदाई

दिल्ली से मंगाई गई ग्राउंड पेनिट्रेटिंग रडार मशीन ने जमीन के लगभग 9 मीटर (करीब 30 फीट) नीचे संदिग्ध संकेत दिए। इसके आधार पर जेसीबी मशीनों से लगातार 24 घंटे खुदाई की जा रही है। अब तक 15 फीट से अधिक गहराई तक खुदाई हो चुकी है, लेकिन शव या कंकाल बरामद नहीं हुआ है।

पुलिस ने सड़क तोड़ने की अनुमति के लिए एनएचएआई से संपर्क किया है और मौसम विभाग से भी तकनीकी सहयोग लिया जा रहा है।

दुबई से लौटे पिता, ‘बस बेटा मिल जाए’

प्रिंस के पिता जगमोहन बैरवा, जो दुबई में काम करते थे, 21 फरवरी को सूचना मिलते ही भारत लौट आए। एनडीटीवी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा, “अगर मेरा बेटा मिल जाए, चाहे उसकी हालत कैसी भी हो, मुझे संतोष होगा। मुझे पुलिस और न्यायपालिका पर भरोसा है।”

बहन अर्चना और भाई समर गहरे सदमे में हैं। अर्चना ने बताया कि आरोपी अनिल अक्सर टिल्लू को मोटरसाइकिल पर घुमाने ले जाता था और खोजबीन में भी शामिल था, जो अब धोखे जैसा लगता है।

परिवार का आंगन आज भी सूना है—एक नीम का पेड़ खड़ा है, जिसकी उम्र लगभग उतनी ही है जितनी आज प्रिंस की होती।

यह मामला न केवल एक परिवार की त्रासदी है, बल्कि बच्चों की सुरक्षा, पारिवारिक रंजिश और लंबी जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े करता है। पुलिस की खुदाई और जांच अभी जारी है।