हरियाणा में खेलों से राष्ट्र निर्माण का संकल्प, डॉ. अरविंद शर्मा ने किया ‘पीयू ओलंपिक्स’ का भव्य उद्घाटन
चंडीगढ़। हरियाणा के सहकारिता, कारागार, निर्वाचन, विरासत व पर्यटन मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने बुधवार को पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में आयोजित पीयू ओलंपिक्स खेलों का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने युवाओं से संवाद करते हुए कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत में खेलों को मिली नई दिशा और पहचान की सराहना की।
स्क्रीन टाइम से स्पोर्ट्स टाइम की मुहिम
डॉ. शर्मा ने एबीवीपी के स्क्रीन टाइम टू स्पोर्ट्स टाइम अभियान को सराहा और कहा कि इस पहल के माध्यम से युवाओं को डिजिटल व्यसनों से बाहर निकालकर खेलों की ओर आकर्षित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मोबाइल और गैजेट्स ने जीवन को सुविधाजनक बनाने के साथ-साथ गंभीर चुनौती भी खड़ी कर दी है, इसलिए युवाओं को खेल के मैदान में लौटाना बेहद जरूरी है।
खिलाड़ियों को मिले सम्मान और प्रोत्साहन
डॉ. शर्मा ने कहा कि हरियाणा आज स्पोर्ट्स पावरहाउस बन चुका है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश ने खेलों में युवा प्रतिभाओं को सम्मान, सुरक्षा और सुनहरा भविष्य देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। 2014 से अब तक भाजपा सरकार ने 16,418 खिलाड़ियों को 683 करोड़ रुपये के नकद पुरस्कार दिए हैं, जबकि 231 खिलाड़ियों को उनकी शिक्षा के अनुरूप सरकारी नौकरी भी दी गई।
युवा भारत और नेतृत्व क्षमता
मंत्री ने कहा कि पीयू ओलंपिक्स केवल खेलों का उत्सव नहीं है, बल्कि यह युवा भारत के चरित्र, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता का उत्सव भी है। खेलों के माध्यम से युवा अपने व्यक्तित्व को निखार सकते हैं, मन को संतुलित रख सकते हैं और शरीर को मजबूत बना सकते हैं।
उपस्थित गणमान्य व्यक्ति और एबीवीपी का योगदान
इस अवसर पर एबीवीपी के राष्ट्रीय सह संगठन मंत्री देवदत्त जोशी, छात्र कल्याण डीन डॉ. अमित चौहान, राष्ट्रीय मंत्री आदित्य तकियार, पंजाब प्रदेशाध्यक्ष डॉ. प्रशांत गौतम, क्षेत्रीय संगठन मंत्री गौरव अत्री, प्रदेश मंत्री जसकरण भुल्लर, प्रदेश संगठन मंत्री शमशेर सिंह चौहान, पंजाब विश्वविद्यालय छात्रसंघ अध्यक्ष गौरववीर सोहल और खेलो भारत संयोजक अर्पिता मलिक समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
डॉ. अरविंद शर्मा ने युवाओं को संदेश दिया कि खेलों के माध्यम से न केवल शारीरिक फिटनेस बल्कि मानसिक दृढ़ता और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, और यही राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को मजबूत बनाता है।
